रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन भी आज भाजपा विधायकों के शोर-शराबे के कारण सभा की कार्यवाही बाधित रही. हालांकि इस दौरान सत्तापक्ष के कई सदस्यों के अल्पसूचित प्रश्न का उत्तर भी सरकार की ओर से सदन में दिया गया. वहीं भोजनावकाश के बाद भाजपा सदस्यों के वॉकआउट के बावजूद सदन में कृषि विभाग की अनुदान मांग पर सत्तापक्ष के अलावा भाकपा-माले विधायक विनोद कुमार सिंह समेत अन्य सदस्यों ने अपनी बातें रखे. चर्चा के बाद कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की 30.47 अरब रुपये की अनुदान मांग को ध्वनि मत से स्वीकृति प्रदान कर दी गयी.
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो द्वारा आज आसन ग्रहण करने के साथ भाजपा के जयप्रकाश भाई पटेल की ओर सदन में नेता प्रतिपक्ष का मामला उठाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी विधायक सीपी सिंह की ओर से कल सदन में वरीयता के अनुसार विधायकों के लिए सीटिंग व्यवस्था नहीं होने का मामला उठाया था, लेकिन उस पर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया.
भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि विपक्ष में रहने के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के विधायक छठी जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने की मांग करते थे, अब सत्ता में आ जाने के बावजूद भी इसे रद्द नहीं किया गया है. सरकार इस परीक्षा को तत्काल रद्द करें. इसके साथ ही भाजपा के कई विधायक आसन के निकट आकर नारेबाजी करने लगे.
भाजपा विधायकों के हंगामे के बीच सत्तापक्ष के कई सदस्यों के अल्पसूचित प्रश्नों पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया.

