रांची: विधानसभा सत्र के अंतिम दिन तरबेज अंसारी हत्याकांड पर विधानसभा में हंगामा हो गया. कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कह दिया कि तबरेज की हत्या भाजपा और आरएसएस के लोगों ने की है. इसके बाद भाजपा विधायक हंगामा करने लगे. उन्होंने विधायक से मांफी मांगने की बात की.
विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. अध्याक्ष ने भी कांग्रेस विधायक से खेद व्यक्त करने को कहा. हालांकि कांग्रेस विधायक ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया. इसपर भाजपा विधायकों ने कहा कि जब तक वे माफी नहीं मांगेंगे, तब तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा.
मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि तबरेज अंसारी की निर्मम हत्या की गई. वह वेंडर था. भाजपा की सरकार में उसे चोर कहा गया. एक साजिश के तहत मामले को रफा-दफा करने का काम सरकार ने किया.
उन्होंंने कहा कि उक्त परिवार से वे मिले हैं. खाने के भी लाले पड़े हैं. तबरेज को मारने वाला भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता है. उसका नाम अमित मंडल है. इसमें आरएसएस के लोग भी शामिल थे.
उन्होंने कहा कि मैं सारी बातें गंभीरता के साथ बोलता हूं. तबरेज अंसारी ही नहीं, मिनाज अंसारी को भी भाजपा के लोगों ने ही मारा है. सबकी जांच होगी. इससे भाजपा के लोग परेशान हैं. दोषी को सजा और फांसी दिलाने का काम होगा.
विधायक ने कहा कि उन्होंने दोबारा जांच की मांग की है. हर हाल में दोषी पर कार्रवाई कराकर रहेंगे. किसी भी कीमत पर वे माफी नहीं मांगेंगे. खेद नहीं जताएंगे.
मामला कोर्ट में, आरोप लगाना गलतः विरंची
भाजपा विधायक विरंची नारायण ने कहा कि यह मामला कोर्ट में है. ऐसे में किसी पर भी आरोप लगाना सही नहीं है. कांग्रेस विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष का सम्मान और परवाह नहीं किया. विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में उनसे खेद व्यक्त करने को कहा. हालांकि उन्होंने माफी मांगने और खेद व्यक्त करने से इनकार कर दिया.
यह विधानसभा और विधानसभा अध्यक्ष का अपमान है. इस अपमान को अध्यक्ष को गंभीरता से लेना चाहिए. नियमसम्मत कार्रवाई कांग्रेस विधायक पर की जानी चाहिए. जब तक वे माफी नहीं मांगेंगे, तब तक विधानसभा चलने नहीं देंगे.
सदन की मर्यादा तार-तार हुई हैः मनीष
विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होनी थी. कांग्रेस विधायक ने अपने एजेंडा पर बात करना शुरू कर दिया. आज वे सरकार के पक्ष में जरूर हैं, पर वे सरकार का हिस्सा नहीं हैं.
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में विधायक ने यह घोषणा कर दी कि रघुवर सरकार के कार्यकाल में हुए सभी काम की जांच होगी.
उन्होंने कहा कि मामले के कोर्ट में रहते हुए किसी भी पार्टी पर आरोप लगाना ठीक नहीं है. इसपर अध्यक्ष ने उन्हें खेद व्यक्त करने के लिए कहा. उसपर भी अड़ जाना यह संसदीय परंपरा के खिलाफ है. इससे सदन की मर्यादा तार-तार हुई है.
कांग्रेस को संसदीय मर्यादाओं से कोई मतलब नहीं है. देश से कोई मतलब नहीं है. वह सिर्फ वोट की राजनीति कर रही है. सदन में भी इरफान अंसारी वोट की राजनीति करते दिखे. ये गठबंधन की सरकार कांग्रेस के दबाव में आती हुई दिख रही है. मुख्यमंत्री ने मामले को स्पष्ट करने पर कोई कदम नहीं उठाया.

