रांची: भाजपा विधायक ने जब विधायक और सांसद निधि से स्थापित चापाकल की मरम्मति का सवाल उठाया, तो पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि उन्हें अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि इन चापाकलों की मरम्मति कौन सा विभाग कराता है. मंत्री के इस वक्तव्य पर सभा में एक बार हंगामा की स्थिति उत्पन्न हो गयी. विरंची नारायण ने कहा- जब सरकार को ही पता नहीं है, मरम्मति कौन करेगा, तो ऐसा वक्तव्य देने वाले मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. वहीं ग्रामीण विकास सह संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सारे चापाकल पीएचडी मापदंड के अनुसार लगाये जाते है और इसकी सूची जिलों में रहती है, पेयजल विभाग राशि उपलब्ध होने पर इन सभी की मरम्मति कराया जाएगा.

