नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में 30 सितंबर तक धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक समारोहों पर रोक लगा दिया गया है. योगी सरकार ने साफ किया है कि राज्य में 30 सिंतबर तक सार्वजनिक समारोह, धार्मिक उत्सव, राजनीतिक आंदोलन और सभाओं पर बैन लगा दिया है. आदेश में ये भी कहा गया है कि सार्वजनिक रूप से मूर्तियां भी स्थापित नहीं की जाएंगी और न ही ताजिया निकाले जाएंगे. यह फैसला गणेश उत्सव और मुहर्रम के मद्देनजर लिया गया है.
योगी सरकार ने अपने आदेश में साफ किया है कि अगर कहीं भी इन नियमों का उल्लंघन हुआ तो इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा और उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने और अफवाहों को लेकर सजग रहने के भी निर्देश दिए हैं.
राज्य के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि सभी प्रकार के जुलूस एवं झांकी पर भी प्रतिबंध लगा रहेगा. इस आदेश के मुताबिक राज्य में यह रोक इसलिए लगाई गई है क्योंकि ऐसी आशंका है कि असामाजिक तत्वों द्वारा कानून-व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने का प्रयास किया जा सकता है. आदेश में हालांकि ये कहा गया है लोग अपने-अपने घरों में मू्र्तियां, ताजिया एवं अलम की स्थापना कर सकते हैं, इसपर किसी प्रकार की रोक नहीं होगी.
गाइडलाइंस के मद्देनजर राज्य के धर्मगुरुओं ने फैसला किया है कि इस बार मुहर्रम के जलसे ऑनलाइन आयोजित होंगे. सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने हाल ही में कहा था कि कोविड-19 की वजह से पूरे देश में इफ्तार और नमाज घरों में ही अदा की गई है और यह बीमारी काफी तेजी से फैल रही है, लिहाजा इसको ध्यान में रखते हुए इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने यह फैसला लिया है कि लखनऊ में पहले मुहर्रम से 10 मुहर्रम तक होने वाले 10 दिवसीय जलसे ऑनलाइन आयोजित किए जाएंगे.
आपको बता दें कि 21 अगस्त से मुहर्रम के जलसे शुरू हो गए हैं, जो 10 दिन तक चलते हैं. राज्य के सभी जिला अधिकारिओं और पुलिस अधिकारियों के अलावा नए आदेश की कॉपी पुलिस आयुक्तों, एडीजी जोन और आईजी-डीआईजी रेंज के अधिकारियों को भी भेजी गई है. इसमें राज्य के सभी धार्मिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

