दिल्ली: भारत में सबसे पहले उन एक करोड़ 60 लाख कर्मचारियों को कोरोना का टीका लगेगा, जो जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं. इनमें 51 लाख 82 हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी, 4 लाख 31 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी, 1 करोड़ 3 लाख 66 हजार सामाजिक कार्यकर्ता और 1 लाख 5 हजार से ज्यादा पोस्टल सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं.
टीकाकारण अभियान के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 3006 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं. पहले दिन लगभग 3 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा.
कोरोना महामारी, वैक्सीन रोलआउट और को-विन सॉफ्टवेयर से संबंधित सवालों के लिए एक कॉल सेंटर- 1075 बनाया गया है. यह कॉल सेंटर 24×7 काम करेगा.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सीरम इंस्टीट्यूट की को-विशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को ही लगाई जाएगी.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गर्भवती और बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाओं को कोरोना की वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी, क्योंकि इन पर वैक्सीन का ट्रायल नहीं हुआ है.
कोरोना वैक्सीन के दो डोज होंगे. दूसरा डोज पहले डोज के 24 दिन बाद दिया जाएगा. दूसरे डोज के तीन से साढ़े तीन हफ्ते के अंदर एंटीबॉडी बनना शुरू हो जाएगी. लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक भी उसी वैक्सीन की लेनी होगी, जिसका उन्होंने पहला डोज लिया था. उन्हें वैक्सीन बदलने की इजाजत नहीं है.
वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क लगाना और दो गज की दूरी के नियम का पालन करना बेहद जरूरी है.

