रांची: वर्ल्ड वुशु कुंग फू डे शनिवार कोपूरे झारखंड के विभिन्न जिला इकाइयों के द्वारा मनाया गया. ज्ञातव्य है कि यह आयोजन पिछले तीन वर्षों से पूरे दुनिया में मनाया जा रहा है.
आज होनेवाले इस महोत्सव का महत्व इस कारण से बढ़ जाता है कि आज के दिन इंटरनेशनल वुशु फेडरेशन अपनी 30 वी वर्षगांठ मना रहा है. इंटरनेशनल वुशु फेडरेशन की स्थापना 1990 में कई गयी थी और फिर पूरी दुनिया मे इसकी इकाइयां फैली.
भारत में वुशु का आगमन सन 1989 में हुआ जिसके बाद वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रयास से इस खेल का विकास हुआ. वुशु नेशनल गेम्स, एशियाई गेम्स, सैफ गेम, यूथ ओलम्पिक खेलो में भी शामिल हुआ. पूरे झारखंड के विभिन्न जिला इकाइयों के द्वारा इसे अलग अलग तरीके से मनाया गया.
कही पर पेंटिंग प्रतियोगिता की गई, कही क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, तो कही वृक्षारोपण किया गया. कई जिलों के खिलाड़ियों ने वुशु का प्रदर्शन किया तो कई जिलों में केक काटकर उल्लास मनाया गया.
धनबाद जिले में खिलाड़ियों ने दौड़, प्रदर्शन ,पेंटिंग आदि कार्यक्रम आयोजित किया. पाकुड़ एवं जामताड़ा जिले में वृक्षारोपण किया गया. गिरिडीह जिले में ई पाठशाला में भाग ले रहे खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. चतरा एवं रांची जिले के खिलाड़ियों के द्वारा ताउलू का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया.
गोड्डा के खिलाड़ियों ने केक काटकर यह दिवस मनाया. इस अवसर पर झारखंड के 18 जिलो ने कार्यक्रम आयोजित किये. अपराह्न 4 बजे स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया एवं वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के द्वारा संयुक्त रूप से इस समारोह को आयोजित किया गया, जिसमें विशेष रूप से वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट भूपेंद्र सिंह बाजवा एवं साई इम्फाल के निदेशक फ्रांसिस मरविन ने शिरकत की.
इस समारोह में झारखंड सहित, मध्यप्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, आईटीबीपी, एयर फोर्स के खिलाड़ियों ने अपना प्रदर्शन किया. शुभम विश्वकर्मा बने वुशु प्लेयर ऑफ द वीक- पूरे सप्ताह अच्छा प्रदर्शन करने वाले रामगढ़ जिले के वुशु खिलाडी शुभम रजक को वुशु प्लेयर ऑफ द वीक का पुरस्कार दिया गया.
इस कार्यक्रमों में झारखण्ड वुशु संघ के चंचल भट्टाचार्य, उदय साहू, शैलेन्द्र दुबे, मनोज साहू, दीपक गोप, अमरेंद्र द्विवेदी, रज़ि अहमद, शशिकांत मिश्र, एल प्रदीप कुमार सिंह, प्रियदर्शी अमर, रणविजय सिंह,अमित, दीपक दुबे, दीपक सिंह, रुष विश्वकर्मा, गोकुलानंद मिश्र, रत्नेश कुमार, शिवेंद्र दुबे आदि मौजूद थे.

