रांची: सामाजिक संस्था “सिटीजन एक्शन ग्रुप” की अध्यक्ष और शहर की लोकप्रिय समाजसेविका किरण सिंह ने कहा है कि सजगता ही कोरोना के कहर से बचने का कारगर उपाय है. धैर्य, संयम और अनुशासन से कोरोना वायरस के प्रकोप को कम करने में सफल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि संकटकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंदों की मदद करना, विशेष रूप से संकट के समय गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना मानव धर्म है.
विषम परिस्थितियों में पीड़ितों को दान देना, खेतों में बीज बोने के समान है. खेत में एक दाना बोने से हजार दाने मिलते हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय काफी चिंताजनक है. इस समय वैश्विक आपदा से पूरा विश्व परेशान है. इससे निपटने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं. संकट की इस घड़ी में जरूरतमंदों को हम अन्न, धन का दान करें. इस दिशा में हमारे देश के दानदाताओं की उदारता सराहनीय है. उन्होंने कहा कि दान देने से सभी प्रकार के पाप नष्ट होते हैं और मनुष्य को आत्म संतुष्टि होती है.
उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के मद्देनजर किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान विशेषकर गरीबों, बेघर और बेसहारा लोगों के समक्ष भोजन की समस्या उत्पन्न हो रही है. लाॅकडाउन में रोज कमाने-खाने वालों की जिंदगी संकट में है. उन्हें दो जून की रोटी नहीं मिल पा रही है. खासकर ऐसे लोगों की मदद करना सबसे बड़ा मानव धर्म है. इसे देखते हुए विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक कार्यकर्ता राहत कार्य में जुटे हैं, यह काफी सराहनीय कदम है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में गरीबों के पेट की आग बुझाने में जुटे समाजसेवी भी कोरोना योद्धा की श्रेणी में शामिल हैं. सिंह ने विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों से ऐसे संकट के समय आगे आकर बेहद गरीब परिवारों को यथासंभव सहयोग करने की अपील की है.
सिंह ने कोरोना से बचाव के मद्देनजर कहा कि लाॅकडाउन का शत-प्रतिशत अनुपालन और शारीरिक दूरी बनाए रखने से ही कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है. आत्मसंयमित, नियंत्रित और अनुशासित व्यवहार करना, जरूरतों को कम करना, अनावश्यक घरों से बाहर न निकलना आदि ऐसे कारगर कदम हैं, जिससे हम कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता हासिल कर सकते हैं. धैर्य, संयम, अनुशासन और सूझबूझ से हम इन कठिन हालात से निजात पा सकते हैं. सिंह ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर शारीरिक दूरी को लेकर बरती जाने वाली सतर्कता से ही हम कोरोना को परास्त कर सकते हैं.

