नई दिल्ली: CJI ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. हिंसा हो रही है.
इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. जामिया मिलिया और अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में हिंसा मामले की सुनवाई आज (17 दिसंबर) को सुप्रीम कोर्ट में होगी.
सोमवार को वकीलों ने चीफ जस्टिस कोर्ट में इसे मेंशन किया था. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम ये नहीं कह रहे कि कौन निर्दोष है और कौन गलत.
हम केवल ये चाहते हैं कि जो दंगा हो रहा है वो शांत होना चाहिए. जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia Islamia University) में हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई थोड़ी देर में होगी. सोमवार को वकीलों ने चीफ जस्टिस कोर्ट में इसे मेंशन किया था.
मामले की सुनवाई से पहले दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (इंटेलिजेंस) प्रवीर रंजन और जॉइंट सीपी देवेश श्रीवास्तव सुबह करीब 10.40 बजे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए.
न्यायालय अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में भी हुई हिंसा मामले पर भी सुनवाई करेगा.
उधर, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद समेत देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुई हिंसा की जांच की मांग कर रहे वकील अश्विनी उपाध्याय की अर्ज़ी को तुरंत सुनवाई के लिए लगाने से न्यायालय ने इंकार कर दिया.

