लातेहार: झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पर्यावरणीय स्वीकृति (सीटीओ) मिलते ही टोरी – बालूमाथ रेलवे मार्ग पर स्थित विराटोली कोयला साइडिंग में आज भू रैयतों की उपस्थिति में भूमि पूजन की गई है.
चंदवा प्रखण्ड अंतर्गत विराटोली कोल साइडिंग में हुए भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान कोविड 19 को लेकर चल रहे इस लॉकडाउन में सामाजिक दूरी का विशेष ख्याल रखा गया. भूमि पूजा होते ही एक साल से बंद पड़े इस कोल साइडिंग से कोयले का भण्डारण और रैक लोडिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा.
इस लॉकडाउन में बेरोजगारी का दंश झेल रहे विराटोली कोल साइडिंग के आसपास रहने वाले करीब 250 लोगों को रोजगार मिल गया है. इसके अतिरिक्त प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से कोयला ट्रांसपोर्टिंग से जुड़े वाहन मालिक और ट्रक ड्राइवर सहित सैकड़ों लोग इससे लाभांवित होंगे.
मालूम हो कि पूर्व में विराटोली कोल साइडिंग के संचालन को अवैध और नियम विरुद्ध होने का आरोप लगाया जाता रहा है. इस कोल साइडिंग पर यह भी आरोप लगा था कि यहां पर हो रहे कोयले का भण्डारण और रैक लोडिंग का कार्य गैर कानूनी है. जिस कारण पिछले एक साल से इस रेलवे साइडिंग में कोयले का भण्डारण और रैक लोडिंग का कार्य बंद पड़ा हुआ था.
झारखंड स्टेट पोलूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा इस विराटोली कोल साइडिंग के लिए युवराज कंस्ट्रक्शन को पर्यावरणीय स्वीकृति (सीटीओ) मिल जाने से लोगों में खुशी की लहर है.
इस मौके पर चकला पंचायत की मुखिया रंजीता एक्का, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लखन जायसवाल, समाजसेवी जावेद अख्तर, भू दाता जयराम उरांव, रामेश्वर उरांव, सुनील गिरी, छठु जायसवाल, बिनोद साहू और प्रदीप कुमार / पुटुन सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे.

