नई दिल्ली: नासा ने पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाले उल्का पिंड को लेकर चेतावनी जारी की है. नासा ने कहा है कि गुजरने वाला ये उल्का पिंड पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा.
नासा ने बताया है कि रीब 170 मीटर बड़ा उल्का पिंड या ऐस्टेरॉयड शुक्रवार को पृथ्वी के एक दम करीब से गुजरेगा. इस ऐस्टेरॉयड को ‘2020 एनडी’ नाम दिया गया है और ये पृथ्वी से करीब .034 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट यानी 50 लाख 86 हजार 328 किलोमीटर, दूर से होकर गुजरेगा.
नासा ने इस पर चेतावनी देते हुए कहा है कि क्योंकि ये बेहद करीब से गुजरने वाला है इसलिए इसे संभावित खतरे वाली लिस्ट में रखा जाता है. इस उल्का पिंड की रफ्तार 48 हजार किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है.
बता दें, इससे पहले पांच जून को भी उल्का पिंड पृथ्वी से 1 लाख 90 हजार मील की दूरी से होकर निकला था. इस उल्का पिंड का आकार 400 फीट था.
विनाश की आशंका!
वहीँ, बार-बार इस तरह से उल्का पिंडो के गुजरने से खगोलविदों को परेशान कर दिया है और वो इसका पता लगाने में लगे हैं. वहीँ खगोलविदों का कहना है कि 1640 फीट या उससे ज्यादा बड़े उल्का पिंड का एक लाख 30 हजार साल में एक बार पृथ्वी से टकराने का अनुमान लगाया गया है.
लेकिन 13 अप्रैल 2029 को ऐस्टेरॉयड ‘99942 एपोफिस’ पृथ्वी के बिल्कुल करीब से निकलने वाला है और ये पृथ्वी से टकरा भी सकता है, अगर नहीं तो ये कुछ उपग्रहों को नुकसान भी पहुंचा सकता है. इस उल्कापिंड का आकार 1100 फीट का होगा और सम्भावित है कि ये विनाश की आशंका है.
इस उल्का पिंड से भी है खतरा
खगोलविदों का कहना है कि उल्का पिंड बेन्नू पृथ्वी के लिए खतरा बन सकता है इसका आकार 1610 फीट है. यह वर्ष 2175 से 2199 के बीच पृथ्वी के पास से होकर गुजरेगा. हालांकि नासा का कहना है कि वह काइनेटिक इम्पैक्टर के द्वारा इन उल्का पिंड को पृथ्वी के करीब आने से पहले ही नष्ट कर देगा. इस तकनीक का पहली बार इस्तेमाल नासा 2026 में करने जा रहा है.

