नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसानों को बातचीत के लिए एक बार फिर आॅफर दिया है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि किसान हमारे प्रपोजल में जो भी जोड़ना-घटाना चाहें, हमें बता दें. हम उनकी सुविधा के दिन और समय पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं. हमें उम्मीद है कि किसान संगठन हमारी अपील पर विचार करेंगे और जल्द समाधान निकलेगा.
सरकार ने दो दिन पहले भी किसानों को चिट्ठी लिखकर बातचीत के लिए आमंत्रित किया था. इस पर किसान कोई निर्णय नहीं ले पाए हैं. इस संबंध में किसानों के बीच दो बार मीटिंग भी हो चुकी है. इससे पहले सरकार और किसानों के बीच 6 राउंड की बातचीत हो चुकी है. लेकिन कोई खास निष्कर्ष नहीं निकला है.
दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने कहा कि हम 24 घंटे बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार बात नहीं करना चाहती, क्योंकि उनके मन में खोट है. सरकार की चिट्ठी का भी आज जवाब दे दिया जाएगा.
टिकरी बॉर्डर पर खालसा एड ने किसान मॉल खोल दिया है. यहां सभी किसानों को एक फॉर्म दिया गया है, इसमें अलग-अलग प्रोड्क्टस के नाम लिखे हैं. किसान को जिस भी चीज की जरूरत है, वह उसके आगे टिक लगाकर मॉल से ले सकता है. किसान मॉल में सुई-धागे से लेकर जूते और थर्मल तक मिल जाएंगे.

