Ranchi: आज आरका जैन विश्वविद्यालय के तीनों एनएसएस इकाइयों के द्वारा आयोजित “मंत्राज ऑफ़ सक्सेस एंड हैप्पीनेस” विषयक वेबिनार सीरिज़ के तीसरे सम्भाषण में आईपीएस अधिकारी व रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने छात्रों व शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए सफलता और प्रसन्नता के विविध आयामों पर अपनी बातें रखीं. प्रभात ने कहा कि कभी-कभी सही मार्गदर्शन नही मिल पाने के कारण कई लोग सफलता के रास्ते से भटक जाते हैं. इसलिए समय के साथ-साथ सही मार्गदर्शन और प्रेरणा की जरूरत होती है, जो हमें सही रास्ते पर ले चलने के साथ ही हमारे भीतर ऊर्जा और उत्साह का संचार करते रहे.
उन्होंने कहा कि अपने मिशन में सफल होने के लिए, अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त भाव से समर्पित होने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल सफल होने के सपने देखते है, जबकि अन्य लोग जागते है और इसके लिये कठिन मेहनत करते हैं.
प्रसन्नता के सम्बन्ध में अपने वक्तव्य में प्रभात कुमार ने कहा कि यह एक अहसास है और हमें खुश रहने के कारण ढूंढ़ने चाहिए. मनुष्य को अपने हर एक कार्य को पूरा करने के लिए ख़ुशी के साथ रहना बहुत ही आवश्यक है. खुशी वह चीज है जो एक जबर्दस्त जिंदगी जीने की प्रेरणा देती है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी कमी पहचान कर उसे अपनी शक्ति में परिवर्तित करना चाहिए .उन्होंने ड्रीम , डिजायर , डेडिकेशन और डिटरमिनेशन पर फोकस करने की बात कहीं . आज 95 प्रतिशत अंक लाकर भी बच्चों में जउतनी खुशी नही होती , मेरा 10 और 12 मिला कर भी 95 प्रतिशत अंक नही है . सफलता को से नही ऊँचे विचार और उसके पालन से मिलते है . विद्यार्थियों को लांग टर्म प्लांनि पर ज्यादा केंद्रित होनी चाहिए .
इससे पूर्व विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक पारस नाथ मिश्र ने अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि अर्का जैन विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवक इस महामारी काल में सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर अपनी भूमिका निभाई है l एन एस एस का मुख्य उद्देश्य है कि विद्यार्थी की सामाजिक जिम्मेदारियों की चेतना जगा कर उन्हें उच्चस्तरीय कार्य के लिए प्रेरित किया जाए . मंत्रास ऑफ सक्सेस और हैप्पीनेस की तीसरी श्रृंखला है जो विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी और संजीवनी है . तीनों इकाइयों के प्रोग्राम ऑफिसर्स ने छात्रों को उचित मार्गदर्शन दिया है. उन्होंने झारखण्ड के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के स्वयंसेवकों को जोड़ पाने में ख़ुशी जताई.
कुलपति प्रो एसएस रज़ी, निदेशक अमित श्रीवास्तव व निदेशक (परिसर) डॉ अंगद तिवारी ने भी ऐसे कार्यक्रमों के लिए एनएसएस इकाइयों को बधाई दी.
एनएसएस प्रोग्राम अफसर डॉ मनोज पाठक ने उद्घाटन सत्र का सञ्चालन किया और प्रो पारस नाथ मिश्र ने अतिथि वक्ता के साथ वार्ताकार की भूमिका निभाते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया. प्रो राजीव सिन्हा और प्रो प्रेरणा राय भी एनएसएस इकाइयों के स्वयंसेवकों के साथ जुड़े रहे और तकनीकी सहयोग भी दिए. उक्त वेबिनार में झारखण्ड राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर्स व स्वयंसेवक जुड़े और लाभान्वित हुए.

