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कोयले की मांग को पूरा करने के लिए वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड रेल से दोगुना कोयला भेजेगा

by bnnbharat.com
September 10, 2020
in समाचार
कोयले के कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी
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रांची: कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सहायक कंपनी वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) ने एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत बिजली क्षेत्र के उपभोक्ताओं की अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए रेल से कोयला भेजने की क्षमता को लगभग दोगुना किया जायेगा.

कंपनी ने रेल से समर्थन के साथ जनवरी, 2021 से प्रति दिन 50 रेक कोयले के परिवहन का लक्ष्य निर्धारित किया है. इससे सम्बंधित गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘मिशन 100 दिन’ एजेंडा तैयार किया गया है.

डब्ल्यूसीएल ने हाल ही में मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती कीमत पर अतिरिक्त कोयला की पेशकश की थी. महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की बिजली उत्पादक कंपनियों तथा एनटीपीसी और आईपीपी के साथ चर्चा करने के बाद, डब्ल्यूसीएल को उम्मीद है कि सीआईएल और एससीसीएल की अन्य सहायक कंपनियों से अदला-बदली के बाद इन उपभोक्ताओं से प्रतिवर्ष लगभग 25 मिलियन टन अतिरिक्त कोयले की मांग पैदा होगी.

मांग में पर्याप्त वृद्धि को देखते हुए डब्ल्यूसीएल ने अगले जनवरी से प्रति दिन 50 रेक कोयला डिस्पैच के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं, जिसके लिए क्रशिंग, परिवहन और लोडिंग की सुविधा बढ़ायी जायेगी.

इसे 5 सितंबर से 15 दिसंबर, 2020 तक चलने वाले मिशन 100 दिन कार्यक्रम के तहत पूरा किया जायेगा. इस वर्ष औसत लोडिंग बढ़ाकर प्रति दिन 40 रेक और सर्वाधिक 50 रेक तक किया जायेगा. 2019-20 का औसत 23 रेक और सर्वाधिक 29 रेक प्रतिदिन था. कोयले की कम मांग के कारण वर्तमान वर्ष का औसत 19 रेक प्रतिदिन है.

डब्ल्यूसीएल, सेंट्रल रेलवे (सीआर) के माध्यम से लगभग 90% कोयला भेजता है. रेल से शेष ढुलाई एसईसीआर और एससीआर के माध्यम से होती है. 50 रेक में से 43-44 रेक सीआर के, 4-5 एसईसीआर के और 2 एससीआर के होंगे.

सीआर अधिकारियों के साथ आयोजित एक चर्चा में, साइडिंग्स के अधिकतम उपयोग, रेलवे के गुड्स शेड का उपयोग, पर्याप्त रेक की उपलब्धता और इसकी समय पर लोडिंग पर एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है.

सीआर ने रेल कोयला समन्वय के साथ रेक डिस्पैच दोगुना करने में डब्ल्यूसीएल को सभी मदद करने का आश्वासन दिया है.

सभी क्षेत्र के महाप्रबंधकों, संबंधित एचओडी को अगले 100 दिनों के भीतर कोयले के स्टॉक और साइडिंग्स के बीच सड़क के रख-रखाव तथा वेब्रिज के साथ कोयले की अतिरिक्त क्रशिंग एवं परिवहन के लिए अनुबंधों को पूरा करने पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है.

डब्ल्यूसीएल ने 2019-20 के दौरान 57.6 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया और 52.5 मिलियन टन कोयले का डिस्पैच किया. 2020-21 की शुरुआत में 14 मिलियन टन से अधिक के कोयला स्टॉक और इस वर्ष 62 मिलियन टन के उत्पादन लक्ष्य के साथ, कंपनी के पास अपने उपभोक्ताओं के लिए 75 मिलियन टन से अधिक कोयला उपलब्ध होगा.

डब्ल्यूसीएल ने 2023-24 तक उत्पादन को 75 मिलियन टन और इसके बाद 2026-27 तक 100 मिलियन टन तक बढाने की योजना बनाई है. राष्ट्र की ऊर्जा मांग को पूरा करने करने के लिए कोयले के उत्पादन में तेज वृद्धि की आवश्कता है.

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