नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार दूसरे दिन भी केंद्र सरकार की ओर से घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के इस्तेमाल को लेकर जानकारी दी.
गुरुवार को की गई घोषणाओं में वित्त मंत्री की ओर से किसानों, प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वाले, फेरीवाले और छोटे दुकानदारों का खास ख्याल रखा गया. वित्त मंत्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमएसएमई, उद्यमियों, रियल एस्टेट, नौकरीपेशा लोगों को सौगात दी थीं. प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें…
प्रवासी मजदूरों के लिए ऐलान-
- प्रवासी मजदूर और शहरी गरीबों के लिए 11000 करोड़ रुपये से अधिक का डिजास्टर मैनेजमेंट फंड राज्यों को उपलब्ध कराया.
- हम प्रवासी मजदूरों और बेघरोंं का ध्यान रख रहे हैं. 2.33 करोड़ प्रवासी मजदूरों को पंचायत स्तर पर काम मिला.
- अपने गांव पहुंचे प्रवासी मजदूर वहां भी खुद को पंजीकृत कराकर काम कर सकते हैं. इसके लिए राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं.
- मनरेगा के तहत दिहाड़ी भी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये की गई.
- श्रम कानून में सुधार का काम चल रहा है. न्यूनतम मजदूरी के भेदभाव को हम खत्म करेंगे. सरकार श्रमिकों के लिए काम कर रही है.
- 10 से कम कर्मचारियों वाली कंपनी में ईएसआई की सुविधा होगी.
- देश में न्यूनतम वेतन का लाभ 30 फीसदी वर्कर ही उठा पाते हैं. न्यूनतम वेतन में क्षेत्रीय असमानता को भी दूर किया जाएगा. न्यूनतम वेतन तय करने के नियमों का सरलीकरण किया जाएगा.
- सभी मजदूरों को नियुक्ति पत्र मिलेंगे. खतरनाक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए भी काम किया जाएगा. सभी मजदूरों की सालाना स्वास्थ्य जांच करवाई जाएगी.
- बेराजगार हुए मजदूरों को भी काम दिया जाएगा.
एक देश, एक राशन कार्ड योजना
- सरकार एक देश, एक राशन कार्ड योजना लाने पर काम कर रही है. इसके जरिये देश में कहीं भी अनाज लिया जा सकेगा. प्रवासी मजदूर देश में किसी भी राशन डिपो से राशन खरीद सकेंगे.
- 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को दो महीने तक निशुल्क अनाज देने के लिए सरकार ने 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. बिना राशन कार्ड वाले 2 महीने तक प्रति परिवार 5-5 किलो गेहूं और चावल, 1 किलो चना मुफ्त ले पाएंगे.
कम किराये पर घर मिलेगा
- सरकार शहरी गरीबों और प्रवासी मजदूरों के लिए रेंटल स्कीम लाएगी.
- प्रवासी मजदूरों के लिए कम किराये वाले घर उपलब्ध कराने पर काम होगा.
- सरकार ने मुद्रा स्कीम के तहत 50000 रुपये या उससे कम के मुद्रा (शिशु) लोन की अदाएगी पर तीन महीने की छूट दी है. इसके बाद 2 फीसदी ब्याज में छूट का फायदा अगले 12 महीने तक दिया जाएगा. करीब 3 करोड़ लोगों को कुल 1500 करोड़ रुपये का फायदा मिलेगा.
रेहड़ी पटरी वालों के लिए
- रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदारों के लिए 5000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे.
- इन्हें कारोबार बढ़ाने के लिए 10 हजार रुपये तक का कर्ज मिलेगा.
- सरकार एक महीने के अंदर इस योजना को लॉन्च करेगी. इससे 50 लाख स्ट्रीट वेंडर लाभान्वित होंगे.
- डिजिटल पेमेंट करने वालों को इनाम मिलेगा. आने वाले समय में उन्हें 10 हजार से अधिक धन मुहैया कराया जा सकेगा.
- नाबार्ड ने 29500 करोड़ रुपये की मदद ग्रामीण बैंकों को दी.
- 12 हजार स्वयं सहायता समूह ने 3 करोड़ मास्क बनाए. शहरी गरीबों के लिए 7200 नए स्वयं सहायता समूह बनाए गए.
किसानों के लिए घोषणाएं-
- 3 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये के सस्ते कर्ज का फायदा पहले ही मिल रहा है. छह महीने तक उन्हें लोन वापस नहीं करना है.
- 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं. 25 हजार करोड़ रुपये के लोन इन किसानों को दिए गए.
- किसानों के लिए सरकार 30,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंड नाबार्ड को देगी. यह नाबार्ड को मिले 90 हजार करोड़ के पहले फंड के अतिरिक्त होगा और तत्काल जारी किया जाएगा.
- कृषि क्षेत्र के लिए मार्च और अप्रैल में 63 लाख लोन मंजूर किए गए. इनकी कीमत 86600 करोड़ रुपये है.
- छोटे किसानों को रियायती दरों पर 4 लाख करोड़ का लोन मिलेगा. कर्ज के ब्याज पर 31 मई तक छूट दी जाएगी.
- सरकार ने 6 से 18 लाख रुपये सालाना आय वाले मध्यम वर्ग के समूह के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम को मार्च 2021 तक बढ़ाया है. इससे 2.5 लाख मध्य आय वर्ग परिवार लाभान्वित होंगे.
- आदिवासी लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए सरकार जल्द ही 6000 करोड़ रुपये की योजना लाएगी.

