रांची: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन. सिंह ने कहा पिछले वर्ष 29 दिसंबर को जब राज्य में गठबंधन सरकार का शपथ ग्रहण था, उस दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे. उस दिन लोगों की आंखों में इस सरकार के प्रति भरोसा दिखा था, एक वर्ष के कार्यकाल में गठबंधन सरकार ने यह सिद्ध करने का काम किया है कि यह सरकार जो कहती है वह करती है. आरपीएन सिंह रांची के मोरहाबादी मैदान में सरकार की पहली वर्षगांठ पर आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित कर रहे थे.
कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा, इसके बावजूद सरकार ने कई ऐसे फैसले लिये, जिसकी जितनी सराहना की जाए, वह कम होगा. संकट के समय न सिर्फ प्रवासी मजदूरों को वापस लाने काम किया, बल्कि उन्हें अनाज और खाद्यान्न भी उपलब्ध कराये. यह काम उस समय हुआ, जब देश के कई राज्य स्पेशल ट्रेन या बस से प्रवासी मजदूरों को वापस लाने में भी विचार कर रहे थे, उस वक्त झारखंड सरकार ने हवाई जहाज के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को घर वापस लाने का काम किया.
वहीं लॉकडाउन में जगह-जगह किचन बनाये गये, नेशनल हाईवे पर भी भोजन का इंतजाम किया गया. इस कार्य की पूरे देश में सराहना हुई और इसके लिए वे झारखंड के सभी लोगों और संगठनों के प्रति भी आभार व्यक्त करना चाहते है. उन्होंने कहा कि किसान इस देश में रीढ़ की हड्डी है, पार्टी घोषणा पत्र में किसानों की कर्जमाफी की जब घोषणा की गयी, तो लोगों को यकींन नहीं हो रहा था कि यह काम संभव है, लेकिन मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री बादल ने कोविड-19 संक्रमणकाल की तमाम परेशानियों के बावजूद इसे अमलीजामा पहनाने का काम किया.
इसके अलावा सरना धर्म कोड का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कर पार्टी ने अपने वायदे को पूरा करने का काम किया है. उन्होंने कहा कि सभी को मालूम है कि कोरोना संकट का बजट पर भी प्रतिकुल प्रभाव पड़ा है, इसके बावजूद गठबंधन सरकार ने यह सिद्ध करने का काम किया है, सरकार जो कहती है, वह करती है और आने वाले समय में भी कर दिखायेंगे.उक्त आशय की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने दी है.

