शशि भूषण दूबे कंचनीय
लखनऊ (यूपी ): देवरिया जिले में अवैध वसूली के आरोपी मेहरौना के चौकी इंचार्ज समेत आठ पुलिस कर्मियों को एसपी ने बुधवार को सस्पेंड कर दिया. वसूली करने वाले एक कांस्टेबल और दो पीआरडी जवानों पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा. सीओ की रिपोर्ट पर एसपी ने यह कार्रवाई की. पूरी चौकी निलम्बित होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
लार थाना क्षेत्र की मेहरौना पुलिस चौकी बिहार बार्डर से सटे हुए है. इसी चौकी से होकर बिहार में छोटे से लेकर बड़े वाहन तक आते-जाते हैं. कोरोना के संक्रमण को देखते हुए बॉर्डर सील है और सिर्फ खाने-पीने वाले जरूरी सामान लदे वाहनों के आने-जाने की अनुमति है. पिछले दिनों बिहार जा रही एक अंडा लदी पिकअप को रोक कर उससे रूपए वसूलने का आरोप चालक ने लगाया था. एसपी ने मामले की गंभीरता से लेते सलेमपुर के सीओ वरुण मिश्र को जांच सौंपी.
बुधवार की सुबह सीओ लार के थानेदार गिरजेश तिवारी के साथ चौकी पर पहुंचे. उन्होंने पीआरडी के जवान कोमल प्रसाद व सुनील निगम के अलावा कांस्टेबल सोनू भारती को वसूली करते हुए पाया. यही नहीं करीब 10 हजार रुपए भी चौकी पर एक बिस्तर के नीचे से बरामद हुए. रुपए किसके हैं इस संबंध में पूछने पर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया. सीओ ने मौके की वीडियो रिकार्डिंग कराते हुए पूरी रिपोर्ट एसपी को सौंपी.
एसपी डा. श्रीपति मिश्र ने इसे गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी योगेन्द्र यादव, हेडकांस्टेबल आशुतोष कुमार द्विवेदी, कांस्टेबल सुजीत चौधरी, अभय कन्नौजिया, धीरज कुमार तिवारी, सोनू भारती, रितेश मौर्या और आशीष पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया. इसके साथ ही चौकी पर तैनात पीआरडी जवान कोमल प्रसाद और सुनील निगम और कांस्टेबल सोनू भारती के विरुद्ध लार थाने में मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया. एसआई अमित पाण्डेय की तहरीर पर लार थाने में तीनों के विरुद्ध 389 आईपीसी और भष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. सदर कोतवाली की सेंट्रल चौकी पर तैनात रहे प्रमोद कुमार सिंह को मेहरौना का चौकी इंचार्ज बनाया गया है. इसके अलावा पुलिस लाइन से एक हेड कांस्टेबल व 6 कांस्टेबल की वहां तैनाती की गई है.
अवैध वसूली के आरोप में मेहरौनी पुलिस चौकी के प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलम्बित किया गया है. इसके साथ ही पीआरडी के दो जवान और एक कांस्टेबल के विरुद्ध लार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है. सीओ की जांच में वसूली की पुष्टि हुई थी.

