पटना: बिहार में चुनाव प्रचार धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है. जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने प्रचार का आगाज किया था, जिसके बाद आज उन्होंने एक बार फिर निश्चय संवाद के जरिए वर्चुअल रैली की. आज नीतीश कुमार ने अलग-अलग जिलों की 11 विधानसभा क्षेत्रों को संबोधित किया.
रोजगार के मसले पर नीतीश कुमार नेता विपक्ष तेजस्वी यादव पर टिप्पणी की. नीतीश कुमार ने कहा कि कुछ लोगों को पता नहीं है क्या होना है कैसे होना है, वो बस बोल देते हैं. नीतीश ने कहा कि दुनिया में ऐसा कौन सा देश या प्रांत है जहां सबको सरकारी नौकरी मिल जाए, क्या ये संभव है. लेकिन रोजगार के अवसर पैदा किए जाते हैं. बता दें कि तेजस्वी यादव ने सरकार बनने की स्थिति में पहली कैबिनेट में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया है.
नीतीश कुमार ने कहा कि हमने हर वर्ग के लिए काम किया है. सेवा ही हमारा धर्म है. हमने अल्पसंख्यकों की सेवा की. भागलपुर दंगे के बाद जब हमें सरकार में आने का मौका मिला तो आयोग का गठन कराया. केस चले. पीड़ित परिवारों को राहत दिलाई.
साथ ही हम उर्दू की पढ़ाई सब जगह करना चाहते हैं. उर्दू हमारी द्वीतीय भाषा है. हम तो बचपन में पढ़ना चाहते थे लेकिन कोई पढ़ाने वाला नहीं था. जब कोई उर्दू पढ़ लेगा तो उसकी भाषा का विकास होगा. हम सबकी सेवा करते हैं. कुछ लोग सेवा-सेवा बोलते रहते हैं लेकिन बस मेवा खाना चाहते हैं.
नीतीश कुमार ने कहा कि लोग अल्पसंख्यकों के नाम पर वोट लेते हैं लेकिन किया क्या है? भागलपुर में जो दंगा हुआ उसके लिए क्या किया? हमने सरकार में आते ही जांच कराई, पीड़ितों को 2500 रुपए प्रतिमाह देने का प्रावधान किया.

