BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

जिसके पति के नाम से थर्राता था शहर, उसी की पत्नी मांग रही अंगरक्षक, पहुंची हाईकोर्ट

by bnnbharat.com
January 29, 2021
in समाचार
जिसके पति के नाम से थर्राता था शहर, उसी की पत्नी मांग रही अंगरक्षक, पहुंची हाईकोर्ट
Share on FacebookShare on Twitter

धनबाद: फहीम खान किसी परिचय का मोहताज नहीं है. उसका नाम ही काफी है. धनबाद शहर में उसके नाम पर आने वाले एक कॉल भर से लोग सहम जाते हैं. उसकी आपराधिक जीवन पर फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ भी बन चुकी है जो काफी सफल रही. इस समय डॉन फहीम खान जमशेदपुर स्थित घाघीडीह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट कर रहा है. उसके जरायम के पेशे को यहां पर उसके स्वजनों ने संभाल रखा है. अब कइयों की जान लेने वाले डॉन की बीवी को ही डर सता रहा है-जान का डर. यह मामला झारखंड हाई कोर्ट रांची तक पहुंच गया है. हाई कोर्ट ने झारखंड के गृह सचिव से जवाब मांगा है.

डॉन की बीवी को चाहिए सरकारी अंगरक्षक

फहीम खान की पत्नी रिजवाना परवीन ने जान का खतरा बताते हुए धनबाद पुलिस से अंगरक्षक की मांग की है. पुलिस द्वारा अंगरक्षक नहीं मुहैया कराने पर परवीन हाई कोर्ट पहुंची है. गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में अंगरक्षक नहीं देने के मामले में सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने सरकार पूछा है कि प्रार्थी को अंगरक्षक क्यों नहीं दिया जा रहा है. इस मामले में गृह सचिव से जवाब मांगा गया है. 

अंगरक्षक देने का बताना होगा नियम

हाई कोर्ट ने झारखंड सरकार को अंगरक्षक देने के नियम भी बताने का निर्देश दिया. इस संबंध में रिजवाना परवीन ने याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि प्रार्थी को कई बार जान से मारने की धमकी दी गई है. वह धनबाद में लंबित एक आपराधिक मामले की गवाह है. उस पर गवाही नहीं देने का दबाव भी बनाया जा रहा है, लेकिन धनबाद पुलिस उसकी बात नहीं सुन रही है. प्रार्थी ने अदालत से अंगरक्षक उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार को आठ सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

फिलहाल लालू को करना होगा इंतजार, अब पांच फरवरी को होगी सुनवाई

Next Post

ईमानदार देशों में भारत 86वें नंबर पर, लिस्ट जारी

Next Post
ईमानदार देशों में भारत 86वें नंबर पर, लिस्ट जारी

ईमानदार देशों में भारत 86वें नंबर पर, लिस्ट जारी

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d