BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

लालू क्यों नहीं सुनना चाहते थे शेषन का नाम भी…

by bnnbharat.com
December 15, 2020
in समाचार
लालू क्यों नहीं सुनना चाहते थे शेषन का नाम भी…
Share on FacebookShare on Twitter

पटना: सत्ता में रहते समय लालू अक्सर ये बात कहा करते थे कि जब तक रहेगा समोसे में आलू, तब तक रहेगा बिहार में लालू. लेकिन उस वक्त तक शेषन से उनका पाला नहीं पड़ा था. यू कहें कि लालू फॉर्म में थे लेकिन शेषन ने अभी बैटिंग शुरू ही कहां की थी. उनकी पारी तो शुरु हुई 1995 में. उसी वक्त तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त ने जनता और नेताओं को अहसास कराया कि चुनाव आयोग में कितनी ताकत है.

दरअसल, टीएन शेषन ने अपने चुनाव सुधार अभियान की शुरुआत 1995 के बिहार विधानसभा चुनाव से ही की थी. उस दौर में बिहार का चुनाव बूथ लूट और हत्या, हिंसा तो आम बात थी. शेषन ने स्‍वतंत्र व निष्‍पक्ष चुनाव कराने पर फोकस किया. उन्‍होंने इसके लिए सुरक्षा के व्‍यापक बंदोबस्‍त किए. साथ ही, पहली बार कई चरणों में मतदान कराने का फैसला किया. उनके इस फैसले के बाद लालू ने उनसे छत्तीस का आंकड़ा ही साध लिया.

1995 के बाद से तो लालू यादव और टीएन शेषन में छत्तीस का आंकड़ा हो गया. खासतौर पर लालू शेषन का नाम तक नहीं सुनना चाहते थे. पत्रकार संकर्षण ठाकुर की किताब ‘बंधु बिहारी’ में टीएन शेषन से लालू की अदावत के कुछ दिलचस्प किस्से हैं. चुनाव के दौरान ही शेषन और लालू के बीच जो भी हुआ, उसकी कहानी पत्रकार संकर्षण ठाकुर ने अपनी किताब ‘बंधु बिहारी’ में दी है.

चुनाव के दौरान हर सुबह अपने आवास पर होने वाली अनौपचारिक बैठकों में लालू के गुस्‍से के केंद्र में शेषन ही होते थे. ऐसी ही एक बैठक में उन्होंने कहा था- ‘शेषन पगला सांड जैसा कर रहा है. मालूम नहीं है कि हम रस्सा बांध के खटाल में बंद कर सकते हैं.’ शेषन का नाम सुनते ही लालू इतना गरम हो जाते थे, जिसका कोई हिसाब नहीं होता था. संकर्षण ठाकुर ने लिखा है कि लालू यादव उन दिनों शेषन को अपने अंदाज में कोसते रहते थे. लालू कहते थे कि ‘शेषनवा को भैंसिया पे चढ़ाकर गंगाजी में हेला देंगे.’

संकषर्ण ठाकुर लिखते हैं कि लालू यादव का गुस्‍सा तब चरम पर था, जब शेषन ने चुनाव को चौथी बार स्थगित कर दिया. तब लालू खुद कुछ-कुछ पगलाए सांड की तरह हो गए थे. लालू यादव बिहार के तत्कालीन मुख्य निर्वाचन अधिकारी आरजेएम पिल्लई को फोन किया और उनपर जमकर बरसे. लालू ने तब पिल्लई से कहा था कि ‘पिल्लई, हम तुम्हारा चीफ मिनिस्टर और तुम हमारा अफसर. ई शेषनवां कहां से बीच में टपकता रहता है? फैक्‍स भेजता है. सब फैक्‍स-वैक्स उड़ा देंगे, इलेक्शन हो जाने दो.’

खैर, बिहार विधानसभा का वह चुनाव सम्पन्न हुआ. चुनावी नतीजे लालू यादव के पक्ष में रहे. वो पहले के मुकाबले में अघिक मजबूती के साथ सत्‍ता में आए. चुनाव में बूथ लूट आदि नहीं हुई, लेकिन इसके लंबा खिंचने का फायदा लालू को ही हुआ. इससे उन्‍हें राज्‍य के छोटे से छोटे इलाके में अपनी बात पहुंचाने में आसानी हुई. संकषर्ण ठाकुर की किताब में इसकी भी चर्चा है.

वे लिखते हैं कि लालू सार्वजनिक तौर पर भले ही शेषन की आलोचना करते थे, लेकिन चुनाव के लंबा खिंचने से प्रसन्‍न भी थे. टीएन शेषन ही वो अफसर थे, जिन्होंने जनता को जाम्बवंत की तरह हनुमान जी की ताकत का अहसास कराया.

शेषन ने जनता को बताया कि बूथ लूट तो छोड़िए, अगर चुनाव आयोग चाह ले तो बूथ तक अपराधियों की चप्पल तक नहीं पहुंच सकती. एक वक्त बिहार के कई बीजेपी नेताओं ने कहा था कि राज्य से जंगलराज को उखाड़ने में शेषन की भी अहम भूमिका थी. वो ऐसे अफसर थे, जो कर्तव्य को लेकर सजग और कड़क दोनों ही थे. पैरवी नाम की चीज से ही शेषन को नफरत थी. पिछले साल नवंबर में ही शेषन का निधन हो गया. लेकिन जाते-जाते वो देश के लिए एक मिसाल कायम कर गए.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

विराट कोहली हैं बेहतरीन कप्तान, खास ‘प्लान’ आजमाएंगे: जस्टिन लैंगर

Next Post

रांची पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 50 पशुओं से लदे ट्रक को पकड़ा

Next Post
रांची पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 50 पशुओं से लदे ट्रक को पकड़ा

रांची पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 50 पशुओं से लदे ट्रक को पकड़ा

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d