BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

निलंबित नाजिर से लिया जा रहा है नियमविरुद्ध सरकारी काम

by bnnbharat.com
March 2, 2020
in समाचार
निलंबित नाजिर से लिया जा रहा है नियमविरुद्ध सरकारी काम
Share on FacebookShare on Twitter

सूर्यकांत कमल,

चतरा : नगर परिषद कार्यालय उपायुक्त के निर्देशों को भी नहीं मानता. यूं कहें तो इस कार्यालय के प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी इतने तानाशाह हैं कि ये उपायुक्त के निर्णय व निर्देशों को भी ठेंगा दिखाने से गुरहेज नहीं कर रहे। यही कारण है कि यहां पदस्थापित नाजिर समशूल हक निलंबन अवधि में भी डीसी के निर्देश व प्रोटोकॉल को चुनौती देकर पूर्व पदाधिकारियों को फतवा जारी करने में जुटा है. इसकी हिम्मत का अंदाजा इसी बात से भी लगाया जा सकता है कि ये जिस आरोप में निलंबित हुआ है, उसी मामले से जुड़े फाइलों और अपूर्ण कैशबुक पर हस्ताक्षर को ले पूर्व पदाधिकारी को व्हाट्सएप पर निर्देश जारी कर रहा है. निलंबित नाजिर के इस करतूत से अधिकारियों में रोष व्याप्त है. व्हाट्सएप पर निर्देश मिलने से नाराज नगर परिषद के पूरे कार्यपालक पदाधिकारी ने मामले की शिकायत उपायुक्त से की है. शिकायत में यह कहा गया है कि उन्हें निलंबित नाजिर के व्हाट्सएप से अपूर्ण कैशबुक पर हस्ताक्षर करने को ले लगातार दबाव बनाया जा रहा है. इससे संबंधित पत्र उन्हें भेजा गया है.

वर्तमान पदाधिकारी के सह पर काम कर रहा निलंबित नाजिर

विभागीय सूत्रों की माने तो नाजिर समशूल हक ने परिषद कार्यालय में नाजिर, प्रधान सहायक व लेखापाल के पद पर बने रहने के दौरान सरकारी राशि का बड़े पैमाने पर हेराफेरी व मजदूरों के हक के पैसे को निजी खाते में रखने समेत कई गड़बड़िया की  है. इसी गड़बड़ी पर पर्दा डालने व गड़बड़ी को उजागर करने वाले पूर्व नगर परिषद पदाधिकारी कार्यपालक दंडाधिकारी राजेश कुमार सिंहा को परेशान करने के उद्देश्य से वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी के सह पर निलंबित नाजिर नियमविरुद्ध सरकारी दस्तावेजों को अपने पास रखकर काम कर रहा है. विभागीय सूत्र यह भी बताते हैं कि निलंबित नाजिर अभी भी गड़बड़ी से संबंधित फाइलों को अपने पास रखकर साक्ष्य मिटाने के प्रयासों में जुटा है. बावजूद मामले की जानकारी होने के बाद भी वर्तमान अधिकारी उसके विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय उसे संरक्षण दे रहे हैं.

क्या है पूरा मामला…..?

अधिकारियों को गुमराह कर नाजिर ने सरकारी खजाने की लूट की थी, रची थी साजिश, DC ने किया था सस्पेंड

नगर परिषद कार्यालय के प्रधान सहायक सह नाजिर मोहम्मद समसुल हक को उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह ने निलंबित कर दिया था. उसका निलंबन तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा की अनुशंसा पर किया गया था. प्रधान सहायक पर वित्तीय अनियमितता के कई गंभीर आरोप थे. इस बाबत कार्यपालक पदाधिकारी सिन्हा ने प्रेस वार्ता कर बताया था कि नगर परिषद कार्यालय का विभिन्न बैंकों में दो दर्जन अकाउंटस है, जिसमें प्रधान सहायक सह नाजिर के द्वारा बड़े पैमाने पर हेरा-फेरी की गई है.

बैंक पासबुक और कैशबुक में राशि का बड़ा अंतर है. इतना ही नहीं चार बैंक खातों का कैश बुक तक लापता है. उन्होंने बताया था कि नाजिर ने कार्यालय आदेश के बावजूद दैनिक मजदूरों की मजदूरी भुगतान में भी वित्तीय अनियमितता को बढ़ावा दिया है. नाजिर के निलंबन की कार्रवाई मामला संज्ञान में आने पर उसको शोकॉज किया गया था, लेकिन उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया था, जिसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी ने निलंबन की अनुशंसा उपायुक्त से की थी. जिसके बाद डीसी ने नाजिर को निलंबित करते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई को ले प्रपत्र ‘क’ का गठन कर नगर विकास विभाग को भेज दिया था.

लम्बे समय से विभिन्न पदों पर जमा है समशूल

लम्बे समय से नियमविरुद्ध एक ही पद पर जमे नाजिर के निलंबन की कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया था. क्यूंकि वन मैन विभाग बन चुके नगर परिषद में समशूल हक़ के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी इसकी कल्पना तक किसी ने नहीं कि थी.

अधिकारियों को अंधेरे में रख करता था गड़बड़ी

प्रधान सहायक के निलंबन की जानकारी मीडिया को देते हुए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि वह अधिकारियों को अंधेरे में रखकर सरकारी खातों में हेराफेरी करता था. उन्होंने बताया था कि शमशुल हक मजदूरों के मजदूरी भुगतान के फाइलों में भी अधिकारियों से कुछ आर्डर करवाता था और भुगतान कम देता था. जिससे न सिर्फ दिनरात मेहनत करने वाले मजदूरों के जीवन यापन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था, बल्कि विकास कार्यों पर भी इसका नकारात्मक असर दिखने लगा था. स्पेशल पदाधिकारी ने यह भी बताया था कि प्रधान सहायक सह नाजिर के द्वारा बगैर विभागीय आदेश के मजदूरों को मिलने वाले इपीएफ फंड की राशि को यूनियन बैंक में एक खाता (645602010010560) खुलवा कर गैरकानूनी तरके से रखा गया है, जबकि नगर परिषद कार्यालय में ईपीएफ राशि का कोई खाता अलग से नहीं है.

उन्होंने बताया था कि मजदूरों को मिलने वाली राशि को उनके खातों में ना भेजकर फर्जी खाता खुलवाकर उसमें ईपीएफ की राशि को संग्रहित कर रखना वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है. प्रत्यक्ष रूप से विभाग में कोई लेखा-जोखा नहीं था. नाजिर ने गरीबों के हक का करीब 15 लाख रुपये इस खाते में जमा कर रखा था. जिसका प्रत्यक्ष रुप से विभाग में कोई लेखा-जोखा तक नहीं है. सबसे मजे की बात तो यह है कि उक्त खाते में मजदूरों के हक के जमा राशि के इंटरेस्ट का लाभ कौन ले रहा है. यह भी स्पष्ट नहीं था.

डेढ़ लाख के बजाय बना दिया था पौने दस लाख का चेक

कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया था कि शहर के समाहरणालय इलाके में संचालित न्यू विश्वकर्मा गैरेज के संचालक प्रमोद मिस्त्री से पूर्व में टेंडर के आधार पर नगर परिषद कार्यालय ने पानी टैंकर क्रय किया था. इसके लिए पूर्व स्पेशल पदाधिकारी गंगाराम ठाकुर ने उसे 1 लाख 43 हजार रुपये भुगतान करने का ऑर्डर फाइल में दिया था.1 लाख 43 हजार की स्वीकृत उनके तबादले के बाद नगर परिषद का प्रभार ग्रहण करने वाले राजेश कुमार सिन्हा को नाजिर ने गुमराह करने की साजिश रची. इस योजना के तहत 1 लाख 43 हजार रुपये की स्वीकृत राशि को बढ़ाकर उसने चुपके से पौने 10 लाख कर दिया और आपूर्तिकर्ता को भुगतान करने को ले कार्यपालक पदाधिकारी के पास चेक बनाकर मंजूरी के लिए फाइल बढ़ा दी थी, लेकिन राजेश कुमार सिन्हा ने उसकी गड़बड़ी पकड़ ली और शो कॉज करते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई की थी.

जांच में उजागर हुई थी गड़बड़िया

जिसके बाद जांच के दौरान गड़बड़िया पकड़ी गई थी. जांच में पता चला था कि बैंकों में कुल 24 खाते संचालित है. इन सभी बैंक खातों में लेनदेन की संपूर्ण जानकारी नाजिर सह प्रधान सहायक समसुल के पास होती है, लेकिन मजे की बात तो यह है कि विगत दिनों हुए पड़ताल में खातों के कैश बुक और पासबुक में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है. ना तो खाते से कैश बुक मैच कर रहा है और ना ही पासबुक. इतना ही नहीं चार महत्वपूर्ण बैंक खातों का कैश बुक तक लापता है.लघु सिंचाई विभाग स्पेशल पदाधिकारी ने पत्रकारों को बताया था कि नगर परिषद कार्यालय में प्रधान सहायक समसुल हक की मनमानी इस कदर चलती थी कि वह अधिकारियों और कर्मियों को तरजीह तक नहीं देता था.

अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर कर रिस्तेदारों को लाभ पहुंचाने का खेला था खेल

कार्यालय में उसके लालफीताशाही रवैये का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर परिषद क्षेत्र में स्थित तालाबों और जलाशयों के गणना को लेकर लघु सिंचाई विभाग ने नगर परिषद कार्यालय से गणना कर्मियों की सूची मांगी थी. करीबियों के नाम की सूची इसके बाद प्रधान सहायक ने कार्यपालक पदाधिकारी को सूचित किए बगैर अपना और अपने करीबियों के नाम की सूची बनाकर उसने अपने हस्ताक्षर से लघु सिंचाई विभाग को भेज दिया था, जबकि उस दिन कार्यपालक पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद थे. उसने इस सूची में अपने नाम के अलावे लेखापाल शिव कुमार सिंह, चालक मोहम्मद नौशाद, सुरेंद्र कुमार, जमादार मोहम्मद रसूल और कर संग्रह करता विलेश कुमार का नाम शामिल किया था, जिसका खुलासा भी हो चुका है.

शो कॉज का नहीं दिया था संतोषजनक जवाब

विभागीय कार्यो में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता कर सरकारी खजाने में हेराफेरी करने वाले प्रधान सहायक सह नाजिर मोहम्मद समसुल हक की कारगुजारी उजागर होने के बाद कार्यपालक पदाधिकारी ने उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया था. नोटिस के माध्यम से उससे जवाब की मांग की गई थी, लेकिन उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया था. इसके बाद निलंबन की अनुशंसा कार्यपालक पदाधिकारी ने उपायुक्त से की थी.नाजिर का निलंबन लंबे समय से नियम विरूद्ध एक ही स्थान पर जमे प्रधान सहायक सह नाजिर शमशुल हक के निलंबन से कार्यालय में हड़कंप मच गया है.

नाजिर के निलंबन से कार्यालय से जुड़े संवेदको ने राहत की सांस ली है. उन्होंने कहा है कि अगर मामले की निष्पक्षता से जांच हो गई तो जिले का सबसे बड़ा महा घोटाला उजागर हो जाएगा. स्थानीय लोगों ने भी नाजिर के निलंबन को नगर परिषद कार्यालय का पुनर्जन्म बताते हुए कहा है कि फाइलों में सिमटकर दम तोड़ रही विकास योजनाएं अब धरातल पर उतरेंगी.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर पर लगा छेड़छाड़ का आरोप, FIR दर्ज

Next Post

सदन में मंत्री रामेश्वर उरांव ने रखा श्वेत पत्र, हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित

Next Post
सदन में मंत्री रामेश्वर उरांव ने रखा श्वेत पत्र, हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित

सदन में मंत्री रामेश्वर उरांव ने रखा श्वेत पत्र, हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d