झारखंड में एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या 25757
रांची: विश्व एड्स दिवस पर राजधानी रांची समेत राज्यभर में एक ओर जहां विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा हैं, वहीं राज्य सरकार ने शादी के पहले एचआईवी टेस्ट की अनिवार्यता के नियम को लागू करने का संकेत दिया है.
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने मंगलवार को रांची में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एड्स जैसी बीमारी पर नियंत्रण पाने को लेकर राज्य और केंद्र सरकार की ओर से कई जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रह हैं. उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी और संतान एचआईवी से संक्रमित न हो, इसे लेकर यह जरूरी है कि लोग इस बीमारी को लेकर जागरूक हो.
उन्होंने बताया कि युवक-युवती का शादी के पहले एचआईवी टेस्ट सुनिश्चित हो सके, इसके लिए आवश्यक प्रावधान करने पर विचार कर रही है, लेकिन कोई भी कानून लागू करने से अधिक यह जरूरी है कि लोग खुद ब खुद जागरूक हो.
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने ट्वीट कर कहा कि प्रतिवर्ष 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है, इसका उद्देश्य एड्स रोग के बारे में जागरूकता फैलाना है. इस बार की थीम एचआईवी महामारी समाप्त करना, लचीलापन और प्रभाव रखी गई है. उन्होंने सभी सेमिलकर इसे समाप्त करने में अपनी भूमिका निभाने की भी अपील की.
झारखंड में एड्स की स्थिति
झारखंड में एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या 25757 है. जिसमें से 20919 मरीजों का इलाज एआरटी सेंटर में चल रहा है. बाकी बचे मरीज दूसरे राज्य में चले गये हैं या फिर अपना इलाज नहीं करा रहे हैं.
एड्स मरीजों को मिलता है पेंशन
राज्य में एचआईवी संक्रमित मरीजों को दवा लेने के लिए आने-जाने के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये दिये जाते है. यह रुपये राज्य सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिया जाता है. इस समय कुल 3500 संक्रमित मरीज योजना का लाभ उठा रहे हैं. राज्य में 24 सदर अस्पताल और तीन मेडिकल कॉलेज में निशुल्क एचआईवी जांच की जाती है.
गौरतलब है कि विश्व एड्स दिवस हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है. एड्स दिवस का उद्देश्य एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली बीमारी एड्स के बारे में जागरुकता बढ़ाना है. पहली बार विश्व एड्स दिवस साल 1988 में मनाया गया था.

