कल्याण विभाग की 19.03 अरब रुपये की अनुदान मांग विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के बीच ध्वनिमत से पारित
रांची:- झारखंड विधानसभा में सोमवार को भोजनावकाश के बाद अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग प्रभाग) की 19 अरब 3 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांग को ध्वनिमत को भाजपा सदस्यों के बहिर्गमन के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया. वहीं भाजपा के अमर कुमार बाउरी द्वारा लाये गये कटौती प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया. अनुदान मांग पर चर्चा में अमर बाउरी, इरफान अंसारी, लोबिनन हेम्ब्रम, कोचे मुंडा, ममता देवी, प्रदीप यादव, लंबोदर महतो, अमित यादव, किशुन दास, बंधु तिर्की और नमन विल्सन कोंगाड़ी ने हिस्सा लिया.
विभाग की अनुदान मांग पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री चंपई सोरेन ने आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 में सभी प्रमंडलों में ओबीसी और अल्पसंख्यकों के लिए आवासीय विद्यालय खोलने की घोषणा की. उन्होंने सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं को साईकिल देने की घोषणा करते हुए बताया कि पूर्व में साईकिल के लिए राशि ही छात्र-छात्राओं को दे दी जाती थी, लेकिन इसमें से 60से 70 प्रतिशत मामलों में बच्चे साईकिल नहीं खरीदते है, इसलिए विभाग ने अब खरीद कर साईकिल देने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के शासनकाल में एसटी के अस्तित्व को मिटाने की कोशिश की गयी. सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन कर जनजातीय समाज के अस्तित्व को खत्म करने की कोशिश की, परंतु अब सरकार सभी वर्गां के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि किसी भी समाज के विकास के लिए शिक्षा जरूरी है, पहाड़िया आदिम जनजाति के लिए स्कूल खोले गये है. उन्होंने कहा कि छात्रावासों की स्थिति को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कई कदम उठाये जा रहे है. मारंग गोमगे जयपाल सिंह मुंडा पारदेशी छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की गयी है. पहाड़िया आदिम जनजाति के लिए 18 स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की गयी है. 72 हजार से कम सालाना आय वाले लोगों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है.
मंत्री चंपई सोरेन ने बताया कि सरना, मसना, जाहेरस्थान, हथगड़ी घेराबंदी और सौंदर्यीकरण के साथ ही मूल सरना स्थल में सोलर लाइट की व्यवस्था की जा रही है. मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 25 हजार से 40 लाख रुपये तक की राशि बेरोजगारों को उपलब्ध कराने की योजना है, इसके तहत 40 प्रतिशत या अधिकतम पांच लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा. इसके अलावा ड्राइविंग लाईसेंस कार्यालय का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए ट्रैफिक पार्क बनाये जाने का सुझाव दिया गया है.
