5800करोड़ नहीं सिर्फ 3500करोड़ बकाया
रांची:- झारखंड के वित्तमंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने डीवीसी के बकाया भुगतान को लेकर मंगलवार को विभाग के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक में ऊर्जा विभाग के भी वरीय अधिकारी उपसिथत थे.
वित्तमंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव को विभागीय अधिकारियों ने यह जानकारी उपलब्ध करायी गयी कि डीवीसी की ओर से बिजली बकाया को लेकर पूर्व में राज्य सरकार पर जो 5800 करोड़ रुपये के बकाया का दावा किया गया था, उस संबंध में पूर्व में ही बिजली विभाग की ओर से डीवीसी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को पत्र लिखकर यह जानकारी उपलब्ध करा दी गयी थी कि डीवीसी का झारखंड सरकार पर सिर्फ 3500 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें से 1417 करोड़ रुपये डीवीसी के बकाया के रूप में राज्य सरकार के खाते से पूर्व में ही राशि की कटौती कर ली गयी है. शेष बकाया राशि का भुगतान करने के लिए राज्य सरकार आवश्यक संसाधन का इंतजाम कर रही है. आगामी जनवरी, अप्रैल और जून महीने में बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा. जनवरी महीने में बकाया 714 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जा रही है, ताकि डीवीसी को बिजली आपूर्ति के लिए भुगतान किया जा सके.
इस आशय की जानकारी प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव के हवाले से दी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाना बंद करें. उन्होंने कहा कि डीवीसी द्वारा झारखंड के ही संसाधनों का उपयोग कर बिजली उत्पादन किया जा रहा है और राज्य को ही महंगी दर पर बिजली की आपूर्ति की जा रही है. प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पूर्ववर्ती रघुवर सरकार की गलत नीतियों के कारण झारखंड में बिजली विभाग पूरी तरह से चौपट हो चुका था, उसे गठबंधन सरकार में दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है. लेकिन इसके बावजूद डीवीसी द्वारा समय-समय पर बिजली कटौती की धमकी देना और अपने कमांड एरिया में बिजली कटौती शुरू कर देना कहीं से भी न्यायोचित नहीं हैं.

