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6 लाख 75 हजार प्रवासी श्रमिकों का भी हो निबंधन
रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं गोमिया के विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्यवार बनाए गए नोडल अफसरों से सभी विधायकों से संपर्क में रहकर श्रमिकों का नाम, पता, स्थान, फोन नंबर और संख्या प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है.
उन्होंने कहा कि सभी प्रवासी श्रमिक अपने-अपने विधायकों से संपर्क में हैं और विधायक भी संपर्क बनाए हुए हैं. विधायक ही नोडल अफसरों को सही सूचना व जानकारी दे सकते हैं. ऐसा होने पर ही हम सब एक-एक प्रवासी श्रमिकों के साथ न्याय कर पर सकेंगे.
डॉ. लंबोदर महतो ने यह बातें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री से कही. उन्होंने मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री मानव सेवा योजना प्रारंभ करने और अग्रिम राशि का निकासी का आदेश देने के प्रति आभार जताया साथ ही उन्हें खेद जताते हुए यह अवगत कराया कि विधायकों की अनुशंसा के बावजूद अब तक कोषागार से राशि की निकासी नहीं हो पाई है और श्रमिकों के खाते में राशि नहीं जा सका है.
उन्होंने मुख्यमंत्री से श्रमिकों की अत्याधिक संख्या को देखते हुए विधायक निधि की 25 लाख राशि को बढ़ाकर 50 लाख करने और राज्य के अंदर जो श्रमिक दूसरे जिले में फंसे हुए हैं उन्हें उनके गृह जिले में बस द्वारा लौटने के लिए डीसी को निर्देश देने का आग्रह किया.
डॉ. लंबोदर महतो ने मुख्यमंत्री को इस बात से अवगत कराया कि एक और सरकार कह रही है कि 9 लाख 50 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिक देश के विभिन्न राज्यों में हैं. अब तक दो लाख 75 हजार प्रवासी श्रमिकों ने ही निबंधन कराया है. शेष 6 लाख 75 हजार अप्रवासी श्रमिकों का निबंधन नहीं हुआ है और लॉकडाउन की अवधि 17 मई तक बढ़ा दी गई है.
ऐसी स्थिति में निबंधन की तिथि को भी बढ़ाया जाना आवश्यक हो गया है. ऐसा होने पर ही शेष बचे प्रवासी श्रमिकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि का भुगतान हो सकेगा. उन्होंने कहा कि यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि सभी प्रवासी श्रमिकों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं है और तकनीकी ज्ञान का भी अभाव है.
उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष इस बात को लेकर चिंता जाहिर किया कि कई राज्य विशेषकर पश्चिम बंगाल सीमा पर डीसी के आदेश भी पश्चिम बंगाल सरकार अपनी सीमा में प्रवेश नहीं करने दे रही है. इसको लेकर सीधे राज्य सरकार की ओर से संबंधित राज्य सरकार से बात की जाए ताकि प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को लाने में जो कठिनाइयां उत्पन्न हो रही है, वह समाप्त हो सके.
उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी कहा कि कोरोना का खतरा बरकरार है. इस लिहाज से रेड जोन हो या ऑरेंज जोन या ग्रीन जोन और या कंटेनमेंट जोन सावधानी और सतर्कता बरकरार रखना आवश्यक है और इस पर गंभीर बने रहने की आवश्यकता है.

