रांची: पश्चिमी सिंहभूम जिला के तीन प्रखंड चक्रधरपुर, तांतनगर एवं खूंटपानी की महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जेएसएलपीएस के द्वारा समेकित तकनीकों के साथ सूक्ष्म टपक सिंचाई से गहन सब्जी उत्पादन की परियोजना को संचालित किया जा रहा है.
इस परियोजना को ’जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी, (जायका) से सहयोग प्राप्त है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के छोटे एवं गरीब किसानों के स्थायी एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि सब्जी उत्पादन में वृद्धि के साथ ही विपणन की सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ टपक सिंचाई द्वारा एकीकृत कृषि करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
इसके साथ ही महिला किसानों द्वारा वैज्ञानिक खेती हेतु कौशल विकास को बढ़वा दे कर उत्पादन और उत्पादकता में बुनियादी सुधार लाना और लघु कृषि व्यवसाय से जोड़कर किसानों को समृद्ध बनाना है.
जायका के तहत् पश्चिमी सिंहभूम जिले के उक्त तीनों प्रखंड में पानी की सीमित उपलब्धता, किसानों पर काम के लगातार बढ़ते बोझ, कृषि मजदूरों के पलायन के साथ गांव में कृषि के प्रति बढ़ती उदासीनता को कम करने तथा बाजार में मिलने वाले लाभकारी मूल्य का फायदा किसानों को देने हेतु अपनी ही जमीन पर गहन सब्जी उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित करना है.
कृषकों को दीर्घकालीन जीविकोपार्जन के साधन को उपलब्ध करवाया गया है जिससे वह पूरे वर्ष अपनी जमीन पर खेती करते हुए टपक सिंचाई, पॉलीनर्सरी एवं उच्च गुणवत्ता वाले केंचुआ खाद इकाई के समेकित प्रयोग से लाभकारी फसल उत्पादन करते रहें.
इस जिले में चयनित 3 प्रखंडों में अब तक कुल 540 किसान सब्जी उत्पादन से जुड़कर परियोजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं तथा परियोजना के माध्यम से प्रखंडों में नोडल उत्पादक समूह का भी गठन किया जा चुका है जिससे कृषक रोजमर्रा के जरूरत की चीजें एवं उन्नत बीज, मल्चिंग, खाद आसानी से प्राप्त कर लेते हैं.
इस परियोजना अंतर्गत कृषि आधारभूत संरचना यथा सूक्ष्म टपक सिंचाई, पॉलीनर्सरी हाउस, केंचुआ खाद उत्पादन एवं कृषि यंत्र सुविधा केंद्र को विकसित करते हुए किसान सहायता कार्यक्रम संचालित कर परियोजना प्रबंधन की जानकारी साझा की जाती है एवं इस परियोजना में कुल 65प्रतिशत अनुदान किसानों को मिलता है?

