बेंगलुरुः– कोरोना वायरस महामारी के कारण बेंगलुरु में कई आईटी और आईटीईएस कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर फिर से विचार कर रही है. कई कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने (वर्क फ्रॉम होम) को कहा है.
कई कंपनियों ने 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया है. कोविड लहर को देखते हुए कंपनियां कोई रिस्क नहीं ले रही है. कई आईटी फर्मों ने पहले कहा था कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ (डब्ल्यूएफएच) 31 मार्च तक रहेगा और कर्मचारियों को बुधवार से काम पर लौटना होगा. कोविड को देखते हुए कई कंपनियां तीन माह तक बढ़ाने पर विचार कर रही है.
अब वे ईमेल भेज रहे हैं, कर्मचारियों से कार्यालयों नहीं आने को कहा जा रहा है.
मेल में कहा गया है कि जब तक कि बिल्कुल आवश्यक न ऑफिस न आएं. सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है. पूर्वी बेंगलुरु की एक प्रमुख आईटी सेवा प्रबंधन फर्म ने पहले 31 मार्च तक डब्ल्यूएफएच विकल्प दिया था, लेकिन सोमवार को कर्मचारियों को एक ईमेल मिला जिसमें कहा गया था कि इसे तीन और महीनों तक बढ़ा दिया गया है.
आईटी/आईटीईएस कंपनियों ने कहा कि घर से काम शुरू किए एक साल और एक महीना हो गया है, लेकिन काम की गुणवत्ता को नुकसान नहीं हुआ है. आईटी कंपनियों को नए प्रोजेक्ट मिलते रहे हैं, भर्तियां हो रही हैं और दक्षता भी बढ़ गई है. राज्य सरकार के मुख्य सचिव पी रवि कुमार से अपील कर रहे हैं कि उन्हें घर से काम करने की अनुमति दी जाए या 50 प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय से काम करने की अनुमति दी जाए.
बेंगलुरु में एक बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी ने अपने कर्मचारियों को बुधवार से कार्यालय लौटने के लिए कहा था, उन्हें घर पर काम करना जारी रखने के लिए कहा है. एक आईटी प्रमुख ने भी डब्ल्यूएचएच को 31 मई तक बढ़ा दिया है और अपने कर्मचारियों को कुछ हफ़्ते पहले मेल भेजा है. नैसकॉम के उपाध्यक्ष (उद्योग पहल) के एस विश्वनाथन ने बताया कि अधिकांश कंपनियों ने घर से काम जून तक और कुछ सितंबर तक बढ़ाया था.

