रंजीत कुमार,
सीतामढ़ी: जिले में विभिन्न राज्यों से आए श्रमिकों के स्किल मैपिंग के बाद उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने हेतु बनाई गई कार्य योजना पर तेजी से अमल किया जा रहा है. उक्त बातें डीएम अभिलाषा कुमारी शर्मा ने सचिव कौशल विकास, भारत सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में कही.
उन्होंने कहा कि 29500 श्रमिकों का स्कील मैपिंग किया गया है जिसमें लगभग 10,000 रेडीमेड गारमेंट्स लेदर वर्क आदि एवं 10,000 कंस्ट्रक्शन वर्क से जुड़े हुए हैं.
लगभग 10,000 श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाया गया है जिन्हें मनरेगा, जल जीवन हरियाली आदि योजनाओं के अंतर्गत रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है.
डीएम ने बताया कि श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने हेतु राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार को कलस्टर का प्रस्ताव भेजा गया है. राज्य सरकार को परिहार प्रखंड में कपड़ा एवं साड़ी पर जड़ी कार्य हेतु लघु क्लस्टर का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें लगभग 400 रोजगार सृजन की संभावना है.
सुरसंड एवं पुपरी में कशीदाकारी से संबंधित लघु कलस्टर, बथनाहा में सिलाई से संबंधित लघु क्लस्टर, रुन्नीसैदपुर में सिलाई से संबंधित लघु कलस्टर एवं सीतामढ़ी औद्योगिक क्षेत्र में रेडीमेड गारमेंट्स का एक मेगा कलेक्टर साथ ही चमड़े का बेल्ट, पर्स, जूता, चप्पल का निर्माण हेतु कलेक्टर का प्रस्ताव भेजा गया है. इन सभी कलस्टरों में लगभग 10,000 रोजगार सृजन की संभावना है, जिसमें अनुमानित लागत लगभग 10 करोड़ रुपये संभावित है.
भारत सरकार को भी परिहार में जड़ी वर्क के लिए एवं सीतामढ़ी में सीकी वर्क के लिए क्लस्टर का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें लगभग लगभग 500 रोजगार सृजन की संभावना है.
बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र विनय कुमार मल्लिक, डीपीआरओ परिमल कुमार, जिला नियोजन पदाधिकारी रजिया इदरीसी, श्रम अधीक्षक सीतामढ़ी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे.

