सचिन कुमार,
रांची: लॉकडाउन में कई मजदूर, छात्र व अन्य लोग अपने घरों से दूर अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं. राज्य सरकारें उनकी सहायता के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म जारी कर रही है.
बता दें कि कोई भी ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करने से पहले आप सुनिश्चित कर लें कि यह लिंक जिस पर आप क्लिक करने जा रहें है वो सही है या नहीं.
हो सकता है बड़ा नुकसान
गलती से आपने किसी फेक लिंक पर क्लिक कर दिया तो हो सकता है कि आपके मोबाइल के पर्सनल डाटा के साथ-साथ आपका बैंक एकाउंट भी खाली हो जाए. इस बारे में BNN BHARAT ने IT एक्सपर्ट सचिन से बात की.
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उन्होंने बताया कि जितने भी मजदूर, छात्र बाहर फंसे हुए हैं, उनको यह समझ में नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं और उनके पास जो भी लिंक आ रहे हैं, वो व्हाट्सएप ग्रुप में पर्सनली मैसेज के रुप में आ रहे है.
सभी फंसे लोग बिना सोचे समझे उसको फिल कर देते हैं. साइबर ठगों द्वारा बहुत सारा फेक लिंक बनाकर वायरल कर दिया गया है. इस फेक लिंक पर क्लिक करने से आपका डाटा, आपका बैंक एकाउंट, आपकी प्राइवेसी को नुकसान हो सकता है.
इतना ही नहीं, फेक लिंक पर जो डाटा को फिल कर रहे हैं, वह किसी दूसरे के पास चला जा रहा है. साइबर ठग का काम पूरा होते ही उस फेक लिंक को सर्वर से डिलीट कर दिया जाता है, जिसके बाद सारे सबूत मिट जाते हैं.
आप सभी छात्रों व मजदूरों से नम्र निवेदन है कि इसकी जांच पड़ताल किये बिना किसी भी लिंक पर क्लिक न करें.
लिंक की सटीकता की जानकारी के लिए आप उस राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, जिस राज्य में आपको जाना है, उस वेबसाइट से आपको सही जानकारी मिल सकती है या विशेष परिस्थिति में आप निकटतम पुलिस चौकी से संपर्क करें. वह आपको हर प्रकार की सहायता प्रदान करेगी.

