BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

विश्व एडस दिवस आज, हर सप्ताह 15-24 साल की 6000 महिलाएं HIV से संक्रमित

by bnnbharat.com
December 1, 2019
in समाचार
विश्व एडस दिवस आज, हर सप्ताह 15-24 साल की 6000 महिलाएं HIV से संक्रमित
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली: एचआईवी HIV तब फैलता है जब किसी भी एक HIV संक्रमित व्यक्ति का शरीर द्रव (Body Fluid) किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर द्रव से संपर्क में आता है . आज विश्व एडस दिवस है. 31 साल पहले साल 1988 में दुनिया को एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूक करने के लिए इस दिन की शुरुआत की गई थी. यह वह दौर था जब यह बीमारी तेजी से फैल रही थी. 90 के दशक के आखिर में एड्स चरम पर था, जिसने दुनिया को इसके खिलाफ लड़ने के लिए झकझोर कर रख दिया.

 फिर हालात बदले, संक्रमण और मौत के मामलों में अच्छी गिरावट आई लेकिन मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो इसके उन्मूलन के लिए अभी और आगे जाना है. मसलन, आज भी हर सप्ताह 15-24 साल की 6000 महिलाएं एचआईवी से संक्रमित होती हैं. 

वैज्ञानिकों के अनुसार सबसे पहले एड्स की उत्पत्ति किन्शासा शहर से हुई थी, जो वर्तमान में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की राजधानी है. एडस को लेकर सबसे दुखद यह है कि इस बीमारी के फैलने के करीब 30 साल बाद इसका पता चल पाया.

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 17 लाख नए मामले सामने आए थे. यह आंकड़ा 1997 में 30 लाख था. तीन करोड़ 20 लाख लोगों की जान जा चुकी है. 81 लाख लोगों को मालूम ही नहीं था कि उन्हें एडस है. इस साल की थीम है ‘कम्युनिटीज मेक द डिफरेंस’ यानी समुदाय बदलाव लाते हैं.

एडस के मामले में भारत तीसरे पायदान पर

भारत में पहला मामला साल 1986 में तमिलनाडु में सामने आया था. दो साल पहवे यूएन एडस की रिपोर्ट के अनुसार भारत में एचआईवी संक्रमण में 46 फीसदी की कमी आई है.  2017 तक 79 फीसदी लोगों को उनका एचआईवी स्टेटस पता था.

इलाज में महिलाएं आगे हैं. 63 फीसदी महिलाएं इलाज करा रही हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 50 फीसदी ही है.
भारत में 21 लाख लोग एड्स से पीड़ित हैं. इनमें 42 फीसदी (8,80,000) महिलाएं हैं.साल 2020 तक 90-90-90 हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है यानी  HIV से ग्रसित 90 फीसदी लोगों को उनका HIV स्टेटस पता हो. संक्रमित लोगों में से 90 फीसदी का इलाज चल रहा हो और इलाज करा रहे लोगों में से 90 फीसदी वायरली सस्प्रेड हो जाएं यानी वे एचआईवी वायरस को दूसरे व्यक्ति में न फैला पाएं.

  • 2010-2017 के बीच 27 फीसदी कम हुए संक्रमण के मामले
  • एडस से मौत के मामलो में आई है 56 फीसदी की गिरावट
  • 1997 में थे महज 67 काउंसिलिंग व जांच केंद्र, अब 23,400
  • पुरुषों से ही संबंध बनाने वाले पुरुषों में 22 गुना ज्यादा
  • ड्रग इंजेक्शन लेने वालों में 22 गुना ज्यादा
  • देह व्यापार करने वालों में 21 गुना व ट्रांसजेंडरों में 12 गुना ज्यादा

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

बसिया में गृह मंत्री अमित शाह का कार्यक्रम रद्द

Next Post

आजसू प्रत्याशी ब्रजेश सिंह मुन्ना के समर्थन में उतरे सरयू राय

Next Post
आजसू प्रत्याशी ब्रजेश सिंह मुन्ना के समर्थन में उतरे सरयू राय

आजसू प्रत्याशी ब्रजेश सिंह मुन्ना के समर्थन में उतरे सरयू राय

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d