रांची: केंद्रीय सरना समिति एवं अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के तत्वाधान में बिरसा जयंती के शुभ अवसर पर कोकर पहान टोली से ढोल, ढाक, नगाड़ा के साथ नाचते-गाते मांदर के साथ पदयात्रा कर भगवान बिरसा मुंडा समाधि स्थल पहुंचे. समाधि स्थल पहुंच भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की.
इस मौके पर केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि स्थापना दिवस के दिन झारखंड वासी दोगुनी खुशी मना रहे हैं. भगवान बिरसा मुंडा जयंती व स्थापना दिवस एवं सरना आदिवासी कोड विधानसभा के विशेष सत्र में पारित होने की खुशी.
उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा एवं कार्तिक उरांव के अधूरे सपनों का पूरा होने का समय आ गया है. आदिवासी एकजुटता के साथ अपने हक अधिकार के लिए लड़ते रहे. अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के महासचिव सत्यनारायण लकड़ा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जल, जंगल, जमीन एवं आदिवासी हित के लिए उलगुलान करते रहें आदिवासियों को एक बार फिर उलगुलान करने की जरूरत है.
इस अवसर पर केंद्रीय सरना समिति के महासचिव संजय तिर्की, भुनेश्वर लोहरा, सत्यनारायण लकड़ा, निरा टोप्पो, विनाय उरांव शुक्रवारी उरांव, ज्योत्सना भगत, प्रशांत टोप्पो समेत अन्य शामिल थे.
