मुंगेर: ऑल बिहार ट्रेड लाइब्रेरी एसोसिएशन मुंगेर व भागलपुर जिला इकाई अध्यक्ष सौरभ सुमन ने भागलपुर विधायक अजित शर्मा और पुर्व भागलपुर विधायक प्रत्याशी विधायक अर्जित शाश्वत को राज्य के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय अध्यक्ष की नियुक्ति एव 11 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा.
उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कहा कि राज्य के जिन माध्यमिक एवं उच्चतरमाध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय अध्यक्ष का पद सृजित नहीं किया गया है .उसमें अभिलंब पद सृजित कर पुस्तकालय अध्यक्ष की नियुक्ति की जाए. नियुक्ति का आधार प्रतियोगिता परीक्षा हो.
राज्य के अभिलेखागार में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के छात्रों को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि ये अभीलेख संधारण में दक्ष होते हैं. राज्य में व्यवस्थित संग्रहालय में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के छात्रों की नियुक्ति हो.
राज्य में अवस्थित चिकित्सा महाविद्यालय, नर्सिंग कॉलेज, भेटनरी कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, आईटीआई कॉलेज इत्यादि में पुस्तकालय अध्यक्ष की नियमित नियुक्ति की की जाए जहां पद का सृजन नहीं है वहां पद का सृजन कर बहाली की जाए.
राज्य में सार्वजनिक पुस्तकालयों की संख्या बढ़ाई जाए एवं उसमें पुस्तकालय अध्यक्ष की नियुक्ति की जाए. दशकों से रिक्त विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में पुस्तकालयों में पुस्तकालय अध्यक्ष का पद पर नियुक्ति की जाए. प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय अंबेडकर स्कूल में लाइब्रेरियन का पद सृजित कर वहां पुस्तकालय अध्यक्ष की नियुक्ति की जाए.
पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के छात्र होने के नाते सूचना अभिलेख संधारण एवं ऑटोमेशन से संबंधित होने वाले नियुक्तियों में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के छात्रों को प्राथमिकता दी जाए.
प्रदेश के विभिन्न विभागों में अवस्थित पुस्तकालयों की दशा को सुधारते हुए उसमें पुस्तकालय अध्यक्ष की नियुक्ति की जाए. प्रदेश के जिन विश्वविद्यालय में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान की पढ़ाई होती है.
वहां स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और कहा कि सरकार ने पूर्व मे हर पंचायत में पुस्तकालय निर्माण की घोषणा की थी तथा मध्य विधालय मे भी पुस्तकालय स्थापना की बातें कही थी. जो छात्रों का सपना बनकर ही रह गया.
बिहार में लगभग 12 वर्षों से पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र मे बहाली लंबित है. जिससे इस क्षेत्र से जुड़े लाखों विधार्थी बेरोजगारी की मार झेल रहे है. यह स्थिति तब है. जब बिहार सरकार के द्वारा 2008 मे पुस्तकालय अधिनियम लागू हो चुका है.
2008 में प्रदेश के हाईस्कूल मे पुस्तकालय अध्यक्ष के 2547 पद का सृजन किया गया था. जिस पर 1896 पदों पर ही पुस्तकालय अध्यक्ष की नियुक्ति हो पाई थी. जिसमें कुछ कठिनाई की वजह से बाकी शेष बचे पदों के बहाली पर रोक लगा दी गई थी. जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद 2008 के निकालें गये बहाली के बचे हुए पदों पर नियोजन शुरू की गई.
लेकिन इसमें 2008 के बाद BLIS एवं MLIS डिग्रीधारी छात्रों को शामिल होने से इस मे वंचित कर दिया गया. उन्होंने मांग की है कि इन डिग्री धारकों को भी इसमें शामिल किया जाए व कहा कि वर्तमान में पुरे प्रदेश में 7 हजार से अधिक माध्यमिक एव उच्चतर माध्यमिक विधालय मौजूद है, जबकि मात्र 2547 विधालयो मे ही पुस्तकालय अध्यक्ष का पद सृजित किया गया है.
शेष विद्यालयों में पुस्तकालय अध्यक्ष का पद सृजित नहीं किया गया है. उन्होंने शेष विद्यालयों में भी पुस्तकालय अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग की है.
इस पर अर्जित शाश्वत एवं अजित शर्मा ने आश्वासन देते हुए कहा इस मुद्दा को विधानसभा में मांग किया जिएगा एवं अजित शर्मा ने सीएम नीतीश कुमार को पत्र के माध्यम से भी मांग किए जाने की बात कही.
मौके पर उपाध्यक्ष शिप्रा भारती, जिला सचिव सुब्रत सिन्हा, जिला प्रभारी राजकुमार राजा, जिला महासचिव आशीष कुमार एवं आदि लोग मौजूद थे.

