झारखण्ड के कई जिलों में हाथियों का उत्पात देखने को मिलता है. हाथी आबादी वाले क्षेत्र में आ जाते है, जिससे घर सम्पत्ति को नुकसान होता है. कई बार नागरिक भी इन हाथियों के गुस्से का शिकार बन जाते है. झारखण्ड सरकार ने हाथियों द्वारा होने वाले जान माल के नुकसान पर मिलने वाली मुआवजा की राशी को बढ़ाने जा रही है. प्रभारी मंत्री चंपई सोरेन ने इसकी जानकारी झारखंड विधानसभा में दी.
कांग्रेस विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी से अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि मुआवजा राशि बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार के पास विचारधीन है. इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. हाथियों के उत्पात से जानमाल की क्षति होने पर मिलनेवाली मुआवजा राशि को राज्य सरकार जल्द बढ़ाएगी. वर्तमान में हाथियों के उत्पात से मौत होने पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये मिलते हैं. सरकार इसे 6.50 लाख करने जा रही है. वहीं, मकान के क्षतिग्रस्त होने पर 40 हजार रुपये की जगह 65 हजार देगी.
विधायक नमन विक्सल कोनगाडी ने हाथियों के उत्पात से होने वाले जान-माल के नुकसान की चार्चा की. क्षतिपूर्ति की राशि और मुआवजा को बहुत कम बताया. सरकार से मुआवजा बढाने के साथ हाथियों के खाने वाले पेड़ पौधे लगाने की भी अपील की.
