रांची: राज्य स्तरीय कोरोना नियंत्रण केंद्र द्वारा राज्य में लोगों के कोरोना से सम्बन्धित हर तरह की समस्याओं का समाधान एवं सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. कोरोना नियंत्रण केंद्र में कोविड -19 से संबंधित किसी भी तरह की सहायता हेतु टॉल फ्री नम्बर 181 पर सम्पर्क किया जा रहा है.
धनबाद में सहरसा के 15 मजदूर मजदूरी का काम कर रहे थे. लॉकडाउन के वजह से ये यहीं फंस गए एवं काम न मिलने के कारण इनके समक्ष राशि और राशन की समस्या उत्पन्न हो गई. इन्होंने 181 पर कॉल कर अपनी समस्याओं से कोरोना नियंत्रण कक्ष को अवगत कराया. जिसपर नियंत्रण कक्ष द्वारा पहल करते हुए धनबाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी के संज्ञान में मामला लाया गया.
इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर मजदूरों को 25 किलो चावल, 5 किलो दाल और 5 किलो आलू उपलब्ध कराया गया.
जामताड़ा जिले के धीरेंद्र गोराई लॉक डाउन की वजह से मजदूरी का काम नहीं कर पा रहे थे. जिससे उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई. इनके नाम पर राशन कार्ड निर्गत होने के बावजूद भी डीलर द्वारा राशन नहीं दिया जा रहा था. इसके बाद उन्होंने कोरोना नियंत्रण कक्ष में संपर्क किया. इस मामले को डीएसओ जामताड़ा के संज्ञान में लाया गया जिसपर उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए राशन डीलर द्वारा आवेदक को राशन आपूर्ति कराई.
पलामू जिला के शंकर यादव के घर के समीप सरकारी चापाकल पिछले 12 दिनों से खराब था जिससे आसपास के परिवारों को पीने के पानी की समस्या हो गयी थी. जिले के पदाधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन चापाकल की मरम्मत करा दी गई.
चतरा जिला की नूरजहां खातून मजदूरी कर अपनी चार बेटियों सहित एक बेटे का जीवन यापन कर रही हैं. उनके पति 4 वर्षों से लापता है. लॉकडाउन की वजह से इनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी. इस हेतु डीएसओ ने तत्काल मामले में संज्ञान लेते हुए उक्त महिला को राशन सामग्री उपलब्ध कराई. राशन मिलने के उपरांत महिला ने स्वयं कोरना नियंत्रण केंद्र में कॉल कर इसकी पुष्टि की और मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार को धन्यवाद दिया.
राज्य स्तरीय कोरोना नियंत्रण केंद्र द्वारा अब तक कुल 26,616 मामले , कार्रवाई हेतु संबंधित जिलों एवं विभागों को अग्रसारित कर दिया गया है. इनमें से अबतक 20,710 मामलों पर सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है. शेष बचे मामलों पर कार्रवाई की जा रही है. नियंत्रण केंद्र में खाद्य आपूर्ति से संबंधित 14,026, विधि व्यवस्था से संबंधित 1,202, चिकित्सा से संबंधित 1,326, झारखंड में फंसे व्यक्ति से संबंधित 1,555 एवं अन्य 2,601 शिकायतों का समाधान किया गया.
राज्य के बाहर फंसे सभी झारखंड वासियों की सहायता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
राज्य सरकार देश में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉक डाउन की वजह से झारखंड राज्य से बाहर फंसे सभी झारखंड वासियों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है. श्रम विभाग द्वारा जारी किए गए टॉल फ्री नम्बर्स पर अबतक 33,404 कॉल्स प्राप्त हुए हैं जिसमें राज्य के बाहर 9,55,207 लोगों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई है.
इनमें 14,303 जगहों पर 6,43,625 प्रवासी मजदूरों के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई है. अब तक सरकार द्वारा 13,786 जगहों पर फंसे 5,06,192 मजदूरों के खाने एवं रहने की व्यवस्था की गयी है. सभी लोगों के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि हरसंभव मदद पहुंचायी जा सके.
सरकार जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के लिए अपने सारे संसाधनों का कर रही इस्तेमाल
राज्य सरकार कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कड़े कदम उठा रही है. इसके साथ ही सरकार इस ओर भी अपने सारे संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है कि पूरे राज्य में जारी लॉकडाउन की वजह से गरीब लोगों के सामने खाने की समस्या उत्पन्न न हो. इस हेतु खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा लोगों तक विभिन्न योजनाओं के तहत राशन एवं खाना पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है.
विभाग द्वारा प्राप्त आंकड़ो के अनुसार अब तक राज्य में सभी राशन कार्ड धारकों के बीच अप्रैल एवं मई माह का लगभग शत प्रतिशत अनाज वितरित किया गया है. वहीं नन पीडीएस के तहत 3,20,315 लोगों तक अनाज उपलब्ध करा दिया गया है.
विभाग द्वारा 1,87,440 लोगों तक अनाज भी पहुंचाने का कार्य किया गया है. इसके साथ ही विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत जरूरतमंदों तक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा, जिसमें मुख्यमंत्री दाल भात योजना के 351 केंद्र, विशेष दाल भात के 588 केंद्र एवं अतिरिक्त दाल भात के 397 केंद्र विभिन्न जिलों में कार्य कर रहें हैं.
इन केंद्रों द्वारा रोजाना लाखों लोगों को पका हुआ भोजन खिलाया जा रहा है. इन सभी केंद्रों पर साफ सफाई के साथ-साथ फिजिकल डिस्टेंसिंग का भी अनुपालन किया जा रहा है. इसके अलावा सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न राहत कैम्पों में 2,54,257 प्रवासी मजदूरों को खाना खिलाया जा रहा है. एनजीओ एवं वॉलिंटियर्स के 1,032 टीमों द्वारा राज्य में विभिन्न जगहों पर 40,40,436 लोगों को खाना खिलाया गया है. साथ ही 44,809 आकस्मिक राहत पैकेट का वितरण भी जरूरतमंदों के बीच किया गया है.

