राजस्थान: कोरोना जैसी महामारी से देश की जनता को बचाने के लिए सरकार ने सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की थी. पहले सरकार की तरफ से 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया गया था और उसके बाद बढ़ते संकट को देखते हुए सरकार ने लॉकडाउन 2 को और भी ज्यादा सख्ती के साथ लागू किया.
21 दिन के लॉकडाउन के बाद लोगों को उम्मीदें थी कि वो अपने-अपने घर वापस लौट सकेंगे, लेकिन लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया.
लॉकडाउन के चलते राजस्थान के शहर कोटा पढ़ाई करने गए बच्चे वहीं फंस गए हैं. अलग-अलग शहरों से इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने आए बच्चे अपने घर जानें को बेताब हैं और इस वजह से उन्होनें अपने राज्य सरकारों से भी अपील की थी.
आपको बता दें कि यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कोटा के कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों को वापस लाने के लिए 200 बसें चलवाईं.
यूपी के मुखिया की इस पहल को देखते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अलग राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि वो भी अपने राज्य के बच्चों को वापस बुला लें.
कोटा में रह रहे दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को उनके गृह राज्यों से सहमति मिलने के बाद ही वापस भेजा जा सकता है. खबरों की मानें तो कोटा में फंसे यूपी के बच्चों को घर वापस ले जानें के लिए 200 सैनिटाइज बसों का काफिला आगरा के बस अड्डे से भेजा गया था.
आगरा के एसपी ने बताया कि, “कोटा में जो स्टूटेंड्स फंसे हैं उनको लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा बसें चलाई जा रही हैं, वो बसें हम अभी आगरा से रवाना कर रहे हैं.”
आपको बता दें कि कोटा में यूपी के लगभग दो से ढाई हजार छात्र फंसे हुए हैं और इसके चलते उन्हें वापस लेने के लिए बसें भेजी जा रही हैं.

