पंजाब: पंजाब के अति सुरक्षित अमृतसर सेंट्रल जेल से तीन कैदी शनिवार-रविवार की रात को बाहरी दीवार को छलांग लगाते हुए वहां से फरार हो गए. पुलिस ने इस बात की जानकारी दी. इस घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही, अमरिंदर सिंह ने जेल मंत्री को सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया.
पुलिस के मुताबिक, जो तीन कैदी भागे हैं उनकी पहचान गुरप्रीत सिंह, जरनैल सिंह और विशाक कुमार के तौर पर हुई है.
सूचना के मुताबिक, गुरप्रीत और जरनैल झपटमारी केस में बंद था जबकि विशाल पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में था. एक जेल अधिकारी ने अपनी पहचान न बताए जाने की शर्त पर ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ को फोन पर बताया कि कैदी रात करीब डेढ़ बजे जेल से फरार हो गए.
सूत्रों ने बताया कि कैदियों ने सबसे पहले अपने सेल की दीवार तोड़ी और उसके बाद बाहरी दीवार को छलांग लगाते हुए वहां से भाग निकले. जेल ब्रेक की खबर का पता चलते ही पुलिस ने रविवार सुबह से सघन तलाशी शुरू कर दी है.
पंजाब में अमृतसर सेंट्रल जेल ऐसी पहली जेल थी जिसकी सुरक्षा कड़ी करने के लिए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएएफ) को तैनात किया गया था. पिछले साल नवंबर में सीआरपीएफ की एक कंपनी को तैनात किया गया था.
यह जेल उस वक्त से सुर्खियों में रही है जब पंजाब पुलिस ने हरियाणा के आर्मी नाइक राहुल चौहान, अमृतसर के धनोआ खुर्द गांव के धर्मेन्द्र सिंह और तरनतारन जिले के कलस गांव के बकर सिंह को गिरफ्तार कर नार्को टेरर मोड्यूल का पर्दाफाश किया था. पुलिस ने इनके पास से दो चीन के बने अत्याधुनिक ड्रोन, दो वॉकी टॉकी सेट और छह लाख 22 हजार रुपये बरामद करने का दावा किया था.
उधर, इस घटना को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है.

