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अंकित को जबरन ताहिर खींच कर बिल्डिंग में ले गएः चश्मदीद

by bnnbharat.com
February 28, 2020
in समाचार
अंकित को जबरन ताहिर खींच कर बिल्डिंग में ले गएः चश्मदीद
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नई दिल्लीः तूफान के बाद की तबाही का मंजर बताता है कि विनाश कितना हुआ है . दिल्ली हिंसा के बाद  हर गुजरता दिन कोई न कोई नया राज खोल रहा है.

साथ ही बहुत से सवाल भी हैं जो सामने आ रहे हैं. कुछ के जवाब मिल रहे हैं, तो कुछ सवालों के जवाब एक रहस्य जैसे हो गए हैं.

इनमें से ही एक है आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या पर उठने वाला सवाल. अंकित शर्मा के परिजन आम आदमी पार्टी (आप) नेता और पार्षद ताहिर हुसैन पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं, तो वहीं ताहिर की बिल्डिंग के छत से मिले पेट्रोल बम और ईंट-पत्थर भी ताहिर पर ही उंगलियां उठाने की वजह बन रहे हैं.

अब तो ताहिर हुसैन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो गई है. ताहिर अभी फरार है पर उसकी बिल्डिंग को सील कर दिया गया है और जांच चल रही है.

हालांकि, ताहिर हुसैन खुद के निर्दोष होने का दावा कर रहे हैं. ऐसे में एक सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है कि आखिर उस दिन उत्तर पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में हुआ क्या था कि लोगों ने अंकित शर्मा की हत्या कर दी.

AAP leader Mohammad Tahir Hussain was leading the mob that dragged and killed IB officer Ankit Sharma.

Eyewitness narrates the horrific story of the murder of Ankit Sharma. @ArvindKejriwal, the people of Delhi will never forgive you! pic.twitter.com/y5LcJfdqqY

— Pratyush Kanth (@PratyushKanth) February 26, 2020

आइए आपको बताते हैं उस दिन की कहानी, चश्मदीदों की जुबानी. अंकित शर्मा के दोस्त प्रदीप जब वो वाकया याद करते हैं तो उनकी रूह कांप जाती है.

उन्होंने बताया कि उस दिन जो लोग आए थे, वह यहां के नहीं थे, बाहर के थे और सभी मुस्लिम थे. उन्होंने आते ही कहा कि ‘हिंदू है मारो’.

प्रदीप बताते हैं कि उनके हाथ में रॉड थी, लंबे-लंबे चाकू थे, जिनमें धार नहीं थी. पेट्रोल की बोतलें थीं, मेरे ऊपर भी पेट्रोल डाला है. उन दिन का वाकया याद करते हुए प्रदीप रो भी पड़े और बोले कि मैं ही जानता हूं उस दिन मेरी जान कैसे बची है, वरना शायद अंकित शर्मा से पहले मेरा फोटो टीवी पर होता.

प्रदीप ने कहा कि अंकित को ताहिर हुसैन की बिल्डिंग के सामने से पकड़ा और फिर मारते हुए अंदर ले गए. वहां इतने सारे लोग थे कि उन्हें आगे तक नहीं आने दिया, बचाने का मौका तक नहीं मिला. प्रदीप से भी मारपीट हुई और उन्होंने अपने सिर पर लगी गंभीर चोट के निशान भी दिखाए.

प्रदीप ने बताया कि अंकित शर्मा को अंदर ले जाकर भीड़ ने क्या किया, कुछ पता ही नहीं चला. जब अंकित का शव नाले से मिला, उसके बाद उन्हें पता चला कि भीड़ ने अंकित को मार दिया.

मशिंद नाम के एक शख्स उस दिन को याद करते हुए कहा कि उस दिन ताहिर हुसैन ने लोनी से हथियार लेकर लोग मंगाए.

अपनी बिल्डिंग को इन्होंने टारगेट बना रखा है. पथराव और गोलीबारी वहीं से चालू हुई है. अंकित शर्मा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंकित को जबरदस्ती खींचकर बिल्डिंग के अंदर ले जाया गया.

 

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