BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

मध्यस्थता केंद्र के प्रयास से सुलझा पति-पत्नी का विवाद, एक साथ रहने को हुए राजी

by bnnbharat.com
January 7, 2020
in Uncategorized
मध्यस्थता केंद्र के प्रयास से सुलझा पति-पत्नी का विवाद, एक साथ रहने को हुए राजी

मध्यस्थता केंद्र के प्रयास से सुलझा पति-पत्नी का विवाद, एक साथ रहने को हुए राजी

Share on FacebookShare on Twitter

रांची: मध्यस्थता केंद्र के प्रयास से 7 साल पुराने पति-पत्नी का विवाद सुलझ गया. इस विवाद को रांची न्यायालय के एजेसी-8, डी पांडे के न्यायालय ने मध्यस्थता केंद्र में भेजा था.

ज्ञात हो कि उक्त वाद में पत्नी ने पति पर दहेज प्रताड़ना और मारपीट का मामला दर्ज किया था. पूर्व में पत्नी सहनाज खातून द्वारा पिठोरिया थाना में मामला दर्ज कराया गया था. दोनों पति-पत्नी आपसी विवाद के कारण लगभग 7 वर्ष से अलग-अलग रह रहे थे. पत्नी सहनाज खातून द्वारा पति मुस्ताक अंसरी पर जमानत के लिए डी पांडे के न्यायालय में वाद दायर किया गया था, जिसमें मुस्ताक अंसारी, उसके भाई मोईन अंसारी दोनों के पिता मुस्लिम अंसारी, माता तैयबा खातून के वाद को न्यायालय से मध्यस्थता केंद्र, रांची में भेजा गया. उक्त वाद को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझा दिया गया.

उक्त वाद को सुलझाने में विशेषज्ञ मध्यस्थ पीएन सिंह की भूमिका रही. दोनों पति-पत्नी को मिठाई खिलाकर मध्यस्थता केंद्र से विदा किया गया. दोनों पति-पत्नी अपने बच्ची के साथ फिर से एक साथ जिंदगी गुजर-बसर करने के लिए राजी हो गये.

दूसरा वाद में वाद संख्या (ओएम. 310/2019) है. इसे प्रधान न्यायधीश कुटुंब न्यायालय ने मध्यस्थता केंद्र भेजा गया था. इस वाद में पत्नी संतरी देवी ने पति दिनेश महतो पर भरण-पोषण का मुकदमा न्यायालय में दर्ज किया था.

उक्त वाद को भी मध्यस्थता के माध्यम से सुलझा लिया गया. इसमें पत्नी स्वेच्छा से पति के साथ रहने को राजी हुई. विपक्षी से कोई भरण-पोषण के लिए न्यायालय में जाने की आवश्यकता नहीं है. दोनों पक्ष राजी-खुशी से साथ रहने को तैयार हुए. अपना-अपना वैवाहिक जिम्मेदारी एक दूसरे से मिलजुल कर निर्वाह करेंगे. बाल-बच्चों का भी भरण-पोषण मिलजुल करते रहेंगे. उक्त वाद को सुलझाने में मध्यस्थत कृष्ण रंजन का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 को लेकर जमशेदपुर अक्षेस का कार्रवाई शुरू

Next Post

शिक्षक अभिभावक दिवस का होगा आयोजनः उपायुक्त

Next Post
शिक्षक अभिभावक दिवस का होगा आयोजनः उपायुक्त

शिक्षक अभिभावक दिवस का होगा आयोजनः उपायुक्त

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d