रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान 30 नवंबर को होना है. प्रचार आज (गुरुवार) तीन बजे थम जाएगा. प्रथम चरण में 13 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. इसमें चतरा, लातेहार व छतरपुर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं.
गुमला, बिशुनपुर, लोहरदगा और मनिका सीट अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व हैं. पांकी, डालटनगंज, विश्रामपुर, हुसैनाबाद, गढ़वा और भवनाथपुर सामान्य सीटें हैं. इन सीटों पर आठ विधायक किस्महत आजमा रहे हैं. टिकट कटने पर कई दल बदलकर चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं.
गढ़वा में दिलचस्प मुकाबला-
गढ़वा विधानसभा क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प है. भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी मुश्किल को विधानसभा पहुंचने से रोकने में झामुमो उम्मीदवार मिथिलेश ठाकुर पूरी ताकत से लगे हैं. गठबंधन के तहत यह सीट झामुमो के खाते में गयी है. ऐसे में ठाकुर के पास कांग्रेस का भी समर्थन है.
भवनाथपुर में भानु प्रताप पर निगाह-
भवनाथपुर सीट पर विधायक भानुप्रताप शाही इस बार भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. टिकट मिलते ही दवा घोटाले को लेकर उनकी चर्चा होने लगी थी. ऐसे में उनपर सबकी निगाह होगी. इस सीट से भाजपा के नेता रहे अनंत प्रताप देव निर्दलीय, लोजपा की रेखा चौबे, बसपा से ताहिर अंसारी की पत्नी सोगरा बीवी खड़ी है.
लातेहार में विधायक-पूर्व मंत्री में टक्कर-
लातेहार विधानसभा क्षेत्र में टक्कर पूर्व मंत्री और विधायक में है. दोनों ने दल बदला है. झाविमो से प्रकाश राम भाजपा में आए थे. भाजपा में रहे पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम झामुमो में शामिल हुए थे. यहां इन दोनों के बीच मुकाबला है.
चतरा में पूर्व मंत्री और विधायक आमने-सामने-
चतरा विधानसभा क्षेत्र से इस बार पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री आमने-सामने हैं. जनार्दन पासवान इस बार भाजपा से मैदान में हैं. सत्यानंद भोक्ता राजद से चुनाव लड़ रहे हैं. झामुमो ने यहां से तिलेश्वर राम को उम्मीदवार बनाया है.
लोहरदगा में हर पार्टी को चुनौती-
लोहरदगा विधानसभा सीट में हर पार्टी को चुनौती मिल रही है. यहां से कांग्रेस में रहे सुखदेव भगत इस बार भाजपा से खड़े हैं. आजसू ने पूर्व विधायक कमल किशोर भगत की पत्नी नीरू शांति भगत को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस से प्रदेश अध्यवक्ष डॉ रामेश्वर उरांव किस्मत आजमा रहे हैं.
गुमला भाजपा ने बदला उम्मीदवार-
इस विधानसभा सीट से भाजपा के विजयरथ को रोकने की जुगत में झामुमो लगा है. भाजपा ने मिसिर कुजूर को प्रत्याशी बनाया है. झामुमो से भूषण तिर्की उम्मीदवार हैं. झाविमो से राजनील तिग्गा हैं. गठबंधन के तहत यह सीट झामुमो के खाते में आया. पार्टी ने पूर्व विधायक पर भरोसा जताया.
बिशुनपुर में हैट्रिक लगाने की तैयारी-
बिशुनपुर में झामुमो के चमरा लिंडा हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं. इसे रोकने के लिए भाजपा के अशोक उरांव लगे हैं. झाविमो ने महात्मान उरांव को टिकट दिया है.
मनिका में इतिहास दोहराने की चुनौती-
मनिका विधानसभा क्षेत्र में इतिहास दोहराने की चुनौती है. भाजपा यहां अपने विधायक हरेकृष्ण सिंह का टिकट काटकर नये चेहरे रघुपाल सिंह को मैदान में उतारा है. राजद से कांग्रेस में शामिल हुए रामचंद्र सिंह टक्कर देने के लिए मैदान में हैं.
डालटनगंज में बागी से खतरा-
डालटनगंज विधानसभा सीट पर विधायक आलोक चौरसिया भाजपा के उम्मीदवार हैं. उन्हें पार्टी के बागी से ही खतरा है. भाजपा से बगावत कर चुनाव मैदान में जिला परिषद् के उपाध्यक्ष संजय सिंह उतरे हैं. कांग्रेस के केएन त्रिपाठी और झाविमो के डॉ राहुल अग्रवाल भी चौरसिया के विजय रथ को रोकने में लगे हैं.
विश्रामपुर में त्रिकोणीय संघर्ष-
विश्रामपुर विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष होने की संभावना है. यहां से सूबे के स्वास्थय मंत्री रामचन्द्र चंद्रवंशी भाजपा उम्मीरदवार के तौर पर खड़े हैं. उन्हें कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे एवं झाविमो की प्रत्याशी अंजू सिंह से चुनौती दे रही है.
छतरपुर में राधाकृष्ण पर नजर-
छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक राधाकृष्ण किशोर पर सबकी नजर होगी. उनके लिए विधायकी बचाना चुनौती है. पिछली बार वे भाजपा की टिकट से विधायक बने थे. इस बार आजसू से मैदान में खड़े हैं. भाजपा के टिकट नहीं देने पर उन्हों ने पार्टी बदल ली है. भाजपा ने राजद के पूर्व सांसद मनोज भुइयां की पत्नी पुष्पा देवी को उम्मीदवार बनाया है. यहां कई अन्य प्रत्याशी भी राधाकृष्ण को चुनौती दे रहे हैं.
पांकी में किला ध्वस्त करने की कवायद-
पांकी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक देवेंद्र सिंह उर्फ बिट्टु सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर है. भाजपा ने यहां से डॉ शशिभूषण मेहता को उम्मीनदवार बनाया है. झाविमो के रूद्र कुमार शुक्ला खड़े हैं. देवेंद्र के किला को ध्वस्त करने में दोनों लगे हैं.
हुसैनाबाद में जलवा रहेगा बरकरार-
हुसैनाबाद में विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता इस बार दलबदलकर चुनाव मैदान में हैं. पिछली बार बहुजन समाज पार्टी से लड़कर चुनाव जीते थे. इस बार वे आजसू पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. भाजपा विनोद सिंह को समर्थन दे रही है. राजद प्रत्याशी संजय कुमार सिंह यादव और एनसीपी के कमलेश सिंह से उन्हें चुनौती मिल रही है.

