दिल्ली: देश में कोरोना वायरस मामलों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. कोविड के प्रसार को देखते हुए बैंक कर्मचारी यूनियनों ने हफ्ते में पांच दिन के कामकाज की मांग उठाई है. कर्मचारियों ने अपनी मांग में कहा है कि कामकाजी दिनों की संख्या को कम करने से उन बैंकरों को मदद मिलेगी, जिन्हें जनता के संपर्क में होने के कारण कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा बना हुआ है. जनवरी में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने पांच दिन के कामकाजी सप्ताह के लिए यूनियनों के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, लेकिन कर्मचारियों को 19 प्रतिशत वेतन वृद्धि की पेशकश की गई थी.
वर्तमान में बैंकों में हर महीने और हर रविवार को दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टियां होती हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि कोरोना वायरस का खतरा बैंकरों को सता रहा है, जहां वे आम जनता के साथ काम करते हैं, इसलिए उन्हें अब पांच दिन के सप्ताह की आवश्यकता है. एसोसिएशन ने कहा कि जब पूरी दुनिया चार-दिवसीय कामकाज कर रही है, देश अभी भी पांच-दिवसीय बैंकिंग का विकल्प तलाश रहा है. पीटीआई से बात करते हुए ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन के अध्यक्ष, दीपक शर्मा ने कहा “यह पीएम के दृष्टिकोण के अनुरूप डिजिटल इंडिया की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम होगा.”
उन्होंने कहा बैंकों में काम करने की स्थिति काफी मुश्किल है. खराब बुनियादी ढांचे, पर्याप्त कर्मचारियों की कमी के कारण अधिकारियों ने देर रात तक काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य बिगड़ जाता जाता है. शर्मा ने दावा किया कि अधिकारियों को कई बार छुट्टियों और रविवार को काम करने के लिए कहा जाता है. कोरोना वायरस महामारी के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और बैंक कर्मी कोविड का शिकार हुए हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार करनाल में एसबीआई बैंक में बीते गुरुवार को 4 बैंक कर्मचारियों को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया. जिन बैंक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया वह कैश वैन में कार्य करते थे.

