नई दिल्ली: क्रिकेट पर कोरोना वायरस का असर साफ देखने को मिल रहा है. इस महामारी की वजह से तय कार्यक्रम के अनुसार कोई भी सीज़न नहीं हो पा रहा है, जिस वजह से दुनियाभर के क्रिकेट बोर्डों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड BCCI भी अब इससे अछूता नहीं रहा है.
BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा है कि यदि इस साल IPL नहीं होता है तो बोर्ड को लगभग 4,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है और इसकी भरपाई बोर्ड खिलाड़ियों के वेतन में कटौती करके की जा सकती है.
IPL 29 मार्च से खेला जाना था. भारत में पहले लॉकडाउन के बाद इसको 15 अप्रैल तक के लिए रोक दिया गया था. वहीं, दूसरे लॉकडाउन के दौरान IPL को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
सौरव गांगुली ने मिड डे को दिए एक इंटरव्यू में कहा “हमें अपनी BCCI की वित्तीय स्थितियों की जांच करनी होगी. हमें देखना होगा कि हमारे पास कितना पैसा है और उसके बाद ही कोई फैसला लिया जा सकेगा. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 13वां सीजन नहीं होने से करीब 4,000 करोड़ रुपयों का नुकसान होगा, जो कि बहुत बड़ा नुकसान है.”
उन्होंने कहा, ‘यदि IPL होता है तो हमें वेतन कटौती के बारे में नहीं सोचना पड़ेगा. हम चीजों को संभाल लेंगे.’ इस महामारी की वजह से देश में तीसरा लॉकडाउन चल रहा है, जो 17 मई तक जारी रहेगा.
BCCI अब सरकार के फैसले का इंतजार कर रही है. अगर सरकार की अनुमति मिले, तो BCCI शीर्ष खिलाड़ियों की ट्रेनिंग शुरू कर सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो अगले कुछ महीनों में BCCI, IPL के आयोजन का ऐलान कर सकती है.
वहीं, खाली स्टेडियम में IPL मैच कराने को लेकर गांगुली ने कहा कि ऐसा करने पर IPL के लिए लोगों का उत्साह कम हो जाएगा. उन्होंने बताया कि वे 1999 में ऐसी परिस्थिति में खेल चुके हैं. उस समय लोगों में उत्साह की कमी साफ तौर पर देखने को मिली थी. उन्होंने कहा कि यदि सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए कम लोगों के बीच मैच कराया जाता है, तो इसके लिए पुलिस को काफी सख्त होना पड़ेगा.

