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बिहार में अब परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर होगी 6 महीने जेल

पटना:- परीक्षा के दौरान नकल के लिए बदनाम बिहार में अब कडाई से परीक्षा लेने का फरमान जारी किया गया है. सूबे के स्कूलों में कल यानी सोमवार से इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा शुरू होने जा रही है.

इसके लिए बोर्ड अध्यक्ष ने गाइडलाइन्स जारी कर दिए हैं. सरकार इस बार कदाचारमुक्त परीक्षा को लेकर अधिक गंभीर है. अब परीक्षा के दौरान कदाचार करते हुए अगर किसी को पकडा गया तो उसे 2 हजार रुपये का जुर्माना भरना हो या फिर 6 महीने जेल की सजा होगी.

जरूरत पडने पर दोनों सजा एक साथ भी हो सकती है.बिहार में एक फरवरी से शुरू होने वाली इंटर की परीक्षा को लेकर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने शनिवार को सभी डीएम व एसपी के साथ परीक्षा को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से समीक्षा की है.

उन्होंने सभी डीएम और एसपी को कदाचारमुक्त परीक्षा कराने का निर्देश दिया है. इंटरमीडिएट की परीक्षा एक से 13 फरवरी तक चलेगी. जबकि, मैट्रिक की परीक्षा 17 से 24 फरवरी तक होगी. परिणाम भी मार्च के अंत तक घोषित कर दिया जाएगा.

कदाचार मुक्त परीक्षा को लेकर बिहार के सभी जिलों के एसपी और डीएम को पत्र लिखा गया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से परीक्षा के संचालन के लिए सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी और केंद्राधीक्षकों को भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये हैं.

इसको लेकर गृह विभाग की ओर से विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर यथासंभव नियमित पुलिस बल ही प्रतिनियुक्त किया जाये.

कोरोना काल में भी बिहार बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा में रिकार्ड परीक्षार्थी शामिल होंगे. पिछले साल के मुकाबले इस साल एक लाख 55 हजार 73 परीक्षार्थी बढ़ गये हैं.

इस बार मैट्रिक परीक्षा में 16 लाख 84 हजार 466 परीक्षार्थी शामिल होंगे. जबकि 2020 में 15 लाख 29 हजार 393 परीक्षार्थियों ने परीक्षा फॉर्म भरा था, इनमें से 14 लाख 94 हजार 771 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे.

इस बार परीक्षा को लेकर पूरे बिहार में 1525 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. 2020 की मैट्रिक परीक्षा के लिए राज्यभर में 1368 परीक्षा केंद्र बनाये गये थे. इस बार 1525 केंद्र हैं, यानि 157 परीक्षा केंद्र इस बार अधिक हैं. पटना में भी परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ी है. पटना में इस साल 73 हजार परीक्षार्थी मैट्रिक परीक्षा में शामिल होंगे.

सबसे अधिक गया में 83 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.दिशानिर्देश में कहा गया है कि परीक्षा केंद्रों के मुख्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा स्थापित किया जाये और परीक्षा केंद्रों के बाहर वीडियोग्राफी भी करायी जाये. चुनावी प्रक्रिया के अनुरूप परीक्षा केंद्र पर रैन्डमाइजेशन (जिलावार) के आधार पर वीक्षकों के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारित किया जाये.

परीक्षा में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के लिए संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की जाये. परीक्षा अवधि में परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 प्रभावी ढंग से लगायी जाये. जिला के अंतर्गत फोटो स्टेट केंद्रों, दुकानों पर विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों के समीप परीक्षा अवधि में विशेष निगरानी रखी जाये. जिन परीक्षा केंद्रों पर कदाचार की सूचना प्राप्त होगी. वहां की परीक्षा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाये तथा दोषी के विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित कर प्रतिवेदन भेजा जाये.

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