रांची: ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान को देश के 10 बेहतरीन चिड़याघरों की सूची में शामिल कर लिया गया है. अब इस चिड़ियाघर के दिन बहुरेंगे. इसे विश्वस्तर पर विकसित किया जाएगा. केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ-वन्यजीव) पीके वर्मा ने इस बारे में विस्तृत जानकारी दी.
केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने राज्य प्राधिकरण से 24 जून को अपना विजन रखने के लिए ऑनलाइन प्रेजेटेंशन देने को कहा है. इसमें राज्य प्राधिकरण को बताना होगा कि कैसे भगवान बिरसा जैविक उद्यान को अगले दस वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार किया जाएगा.
पीसीसीएफ वर्मा ने बताया कि दिसंबर में देश के सभी राज्यों को अपने-अपने चिड़ियाघरों की विशेषता के साथ प्रस्तुतिकरण देने को कहा गया था. झारखंड से भगवान बिरसा जैविक उद्यान और टाटा जू पर प्रजेंटेशन दिया गया. अपनी अद्वितीय विशेषताओं के कारण बिरसा जैविक उद्यान को देश के टॉप 10 चिड़ियाघरों में चुना गया है.
भगवान बिरसा जैविक उद्यान की विशेषताएं:
1. यह पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण में विकसित किया गया है.
2. जानवरों को एक दूसरे से इस प्रकार अलग रखा गया है कि वह स्वच्छंद होकर रहें.
3. स्वस्थ वातावरण के कारण बाघिन सहित अन्य जानवर नियमित प्रजनन कर रहे हैं.
4. हाल में बाघिन का दो वर्ष के अंतराल में शावक को जन्म देना चर्चा में रहा.
5. हथिनी का अनजान हाथी के बच्चे के साथ प्यार भी सुर्खियों में आया.
6. यहां 1400 से अधिक वन्यजीव-पक्षी हैं.
7. यह 104 हेक्टेयर वन क्षेत्र में फैला है.
8. 83 प्रजाति के जीव-जन्तु हैं.

