रांची: चुनाव आयोग के निर्णय के बाद एक सकारात्मक राजनीति की पहल करते हुए बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष घोषित करें अन्यथा पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी भाजपा, उक्त बातें भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा ने कहीं. उन्होंने कहा कि झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के भारतीय जनता पार्टी में विलय को भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी मंजूरी दे दी है. शुक्रवार को चुनाव आयोग ने इस बाबत अधिकृत पत्र भी जारी कर दिया. आयोग ने झाविमो के अस्तित्व को समाप्त मानते हुए उसके चुनाव चिह्न को जब्त करते हुए भाजपा में विलय को विधिसम्मत माना. वर्मा ने बताया कि चुनाव आयोग के मुताबिक 14 फरवरी को झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने एक पत्र के माध्यम से इस संबंध में सूचित किया था कि संगठन का विलय भाजपा में कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने विधि सम्मत तरीके से ससमय बाबूलाल जी को नेता प्रतिपक्ष बनाया ताकि सदन की कार्रवाई बिना किसी गतिरोध के बेहतर तरीके से चल सके जिससे राज्य की समस्याओं पर चर्चा एवं उनका समाधान निकल सके पर सत्ता पक्ष द्वारा लगातार विधानसभा अध्यक्ष पर दबाव बनाकर उन्हें अपने संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करने से रोका जा रहा है जो लोकतंत्र की आत्मा पर कड़ा प्रहार है. वर्मा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का आसन निष्पक्ष होता है और इसका ख्याल सत्तापक्ष द्वारा रखा जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि राज्य का सर्वांगीण विकास में विपक्ष की बड़ी भूमिका होती है अतः सरकार को राज्यहित में जननेता बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष घोषित कर देना चाहिए.

