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BNN खास: आधुनिक सेगमेंटल बाक्स गरडर सिस्टम से बनेगा फ्लाईओवर

by bnnbharat.com
June 11, 2020
in Uncategorized
BNN खास: आधुनिक सेगमेंटल बाक्स गरडर सिस्टम से बनेगा फ्लाईओवर

BNN खास: आधुनिक सेगमेंटल बाक्स गरडर सिस्टम से बनेगा फ्लाईओवर

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खास बातें:

  • सेगमेंटल बाक्स प्रणाली से तेज गति से होगा काम, यातायात नहीं होगा बाधित

  • बहुबाजार तक विस्तार के लिए जुडको ने सर्वे शुरू किया, नया परामर्शी होगा बहाल

  • नयी तकनीक के आधार पर संशोधित होगा डिजाइन एवं डीपीआर

रांची: राजधानी का महत्वाकांक्षी कांटाटोली फ्लाईओवर का विस्तार बहुबाजार चौक से आगे तक किया जायेगा. इसकी फिजीबिलिटी एवं गुणदोष का आंकलन किया जा रहा है. नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया.

चौबे ने बैठक में जुडको के अधिकारियों से कहा कि सिर्फ कांटाटोली फ्लाईओवर का निर्माण होने से बहुबाजार चौक पर लगने वाले जाम का समाधान नहीं होगा. इसलिए इसका विस्तार बहुबाजार चौक से आगे बनस तालाब तक किया जाये. साथ ही सचिव ने फ्लाईओवर का निर्माण आधुनिक तकनीक सेगमेंटल बाक्स गरडर सिस्टम से कराने का निर्देश दिया. सचिव ने नये सिरे से कार्य शुरू कराने लिए नया परामर्शी और संवेदक बहाल करने का निर्देश दिया. नयी तकनीकी के आधार पर संशोधित डिजाइन और डीपीआर भी बनेगा.

वर्तमान में कांटाटोली फ्लाईओवर का निर्माण पीएससी-आइ गरडर प्रणाली से हो रहा था. पीएससी प्रणाली में गरडर को प्रीकास्ट कर क्रेन के सहयोग से खंभे पर रखा जाता है. अमूमन इस प्रणाली में रात में काम होता. डेक स्लैब की कास्टिंग कार्य स्थल पर ही होती है. यातायात भी प्रभावित होती रहती है. जबकि सेगमेंटल बाक्स प्रणाली में प्रस्तावित फ्लाईओवर के मध्य लाइन पर विशेष लांचर के जरिये छोटे प्रीकास्ट सेगमेंट कर आगे बढ़ते जाया जाता है. इस आधुनिक प्रणाली का इस्तेमाल बड़े शहरों में हो रहा है. इस सिस्टम में काम तेज होता है. हालांकि यह कुछ महंगा पड़ता है. इस प्रणाली में यातायात बाधित नहीं होती है.

वर्तमान में कांटाटोली फ्लाईओवर का निर्माण बहुबाजार की ओर वाईएमसीए से लेकर कोकर की ओर शांतिनगर तक हो रहा था. जिसकी लंबाई 1260 मीटर थी. अब तक 132 पाइल की कास्टिंग हो चुकी है. 19 खंभों में दो पाइल कैप और एक पीयर की कास्टिंग हो चुकी है.

बैठक में जुडको के परियोजना निदेशक तकनीकी रमेश कुमार ने सचिव चौबे को बताया कि वर्तमान संवेदक कंपनी मोदी कंस्ट्रक्शन की नयी आधुनिक तकनीकी सेगमेंट प्रणाली पर काम करने का अनुभव नहीं है. इस वजह से सचिव ने एक सप्ताह में मोदी कंस्ट्रक्शन के साथ किये गये एकरारनामा को बंद करने का निर्देश दिया. सचिव ने बरसात तक सभी कागजी कार्रवाई कर जल्द से जल्द काम शुरू करने का निर्देश दिया. जुडको के अधिकारियों ने सर्वे कार्य आरंभ भी कर दिया है. बैठक में पीडीटी के अलावा महाप्रबंधक वीरेंद्र कुमार, सहायक महाप्रबंधक सुशील कुमार और उप परियोजना प्रबंधक प्रत्युष आनंद उपस्थित थे.

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