खूंटी: दो सौ ग्रामीणों ने एक साथ किया श्रमदान, बन गए चार माइक्रो बांध, पानी संचयन की क्षमता बड़े बांध से कम नहीं. एक दिन में ग्रामीणों ने एक करोड़ नौ लाख लीटर पानी का संचयन बोरी में बालू भर भर कर बना डाला. सेवा वेलफेयर सोसाईटी और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से चलाये जा रहे जनशक्ति से जलशक्ति अभियान के तहत मकर सक्रांति के दिन मुरहू प्रखंड के गुटुहातु पंचायत अंतर्गत डौडीह गांव का माहौल कुछ अलग था. गांव हर व्यक्ति पानी रोकने के लिए जद्दोजहद कर रहा था.
माहौल कुछ ऐसा था, जैसे लोग पानी पर्व मना रहे हों. गांव के 200 महिला,पुरुष, युवक-युवतियां समेत वृद्ध-वृद्धा सभी गांव में बहते पानी को रोकने में लगे थे. बुधवार को गांव के किसी ने कोई दूसरा काम नहीं किया. पूरे गांव के लोगों ने मिलकर महज चार घंटे में चार बोरीबांध बना डाला जिसमें लगभग ढ़ाई एकड़ क्षेत्रफल में एक करोड़ नौ लाख लीटर पानी का भंडारण होगा. ग्रामीणों के अनुसार अगले एक सप्ताह के अंदर पूरा ढ़ाई एकड़ खेत पानी से लबालब हो जाएगा. बोरीबांध बनने के ग्रामीण काफी खुश हैं. किसी के घर में बुधवार को दोपहर का खाना नहीं बनाथा, बल्कि पूरे गांव का खाना सामूहिक रूप से गांव के आंगनबाड़ी सेंटर में बना था, जहां पूरे गांव ने बोरीबांध बनाने के बाद सामुहिक रूप से भोजन किया. इससे गांव की आपसी एकता और प्रेम सबल हुई है.

हम बत्तख पालन करेंगे
गांव की मोनिका मुंडू ने कहा कि सात दिनों बाद जब बोरीबांध में पानी भर जाएगा, तब गांव के लोग बत्तख पालन करेंगे. उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन से ग्रामसभा सहयोग की अपील करेगी. जल्द ही सखी मंडल की दीदीयां इसे लेकर डीसी सूरज कुमार और जेएसएलपीएस के डीपीएम शैलेश रंजन से मिलेंगी. इसके अलावा गांव के लोग पानी सिंघाड़ा लगाने की भी योजना बनाई है.
50 एकड़ में खेती करने की है योजना
प्रभूसहाय मुंडू ने कहा कि गांव में जोहार परियोजना के तहत सोलर आधारित जलापुर्ति योजना लगाई गई है. गांव में अब तक लगभग पंद्रह एकड़ में मटर, गेहूं, आलू, प्याज, लहसुन आदि की खेती की गई है लेकिन ग्रामीणों के लिए पानी बड़ी समस्या बनी थी. इस कारण ग्रामसभा ने सेवा वेलफेयर सोसाईटी से संपर्क कर गांव में चार बोरीबांध बनाया. जल्द ही दो और बोरीबांध बनाये जाऐंगे जिसके बाद 25 से 30 एकड़ में तरबूज, लौकी, करेला आदि लगाने की योजना ग्रामीणों ने बनाई है.
दीदीयों ने निभाई अपनी भूमिका
बोरीबांध के निर्माण में ग्रामसभा के सभी सदस्यों समेत जीदन होरा महिला ग्राम संगठन, जागृति महिला उत्पादक समूह, नितीर महिला मंडल, सरजम बा, ज्योति, अटल बा, बैतुलम बा और मुरूद बा महिला मंडल की दीदीयों ने मोनिका मुंडू के नेतृत्व में बोरीबांध के निर्माण में अपना योगदान दिया. इसके अलावा गांव के कालो पाहन, प्रभूसहाय मुंडू, मसीह मुंडू, एतवा मुंडू, जीवन मुंडू, मोनिका मुंडू, प्रफुल्लित मुंडू, सुशीला मुंडू, सुशीला मुंडू, जीरन मुंडू, जसुआ मुंडू, लाल साय मुंडू, मोरा मुंडू, सामू मुंडा, जोहन मुंडू, लखन मुंडू, सुशील मुंडू, नेहमिया मुंडू समेत पूरे गांव के लोगों ने अपना योगदान दिया.

