निरज कुमार,
रांची: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. विभिन्न स्थानों पर विरोध मार्च से लेकर प्रदर्शन तक हो रहे हैं. कई राजनीतिक पार्टियां भी इसका विरोध कर रही है. भारत के लगभग हर राज्य में इसके विरोध में प्रदर्शन जारी है. कई राज्यों में प्रदर्शन के दौरान लोगों ने उग्र रूप अख्तियार कर लिया. कई स्थानों पर आगजनी के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया. यह विरोध प्रदर्शन देश में थमने का नाम नहीं ले रहा है.
लोग हर दिन भिन्न-भिन्न तरीकों से अपना विरोध जाहिर कर रहे हैं. इससे झारखंड भी अछूता नहीं रहा है. झारखंड में भी इसे लेकर लगातार विरोध जताया जा रहा है. सोमवार को भी कई संगठनों ने राजभवन के समक्ष संगठनों ने धरना दिया. शहर की हृदय स्थली अलबर्ट एक्का चौक के समीप विरोध प्रदर्शन किया. विभिन्न सामाजिक संगठन और पार्टियां इस एक्ट को वापस लेने या संशोधित करने की मांग कर रहे हैं. विरोध करने वालों का कहना है कि यह कानून संविधान सम्मत नहीं है. इससे आम लोगों को दिक्कत होगी.
विरोध की तरह ही देश के लगभग हर राज्य में इस कानून के समर्थन में आवाज बुलंद की जा रही है. लोगों द्वारा विशाल रैली निकाली जा रही है. लोग तिरंगे झंडे के साथ इस कानून के समर्थन वाले बैनर और पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरकर समर्थन जाहिर कर रहे हैं. कानून के समर्थकों का कहना है कि इससे देश को सुरक्षा, संप्रभुता और एकता मजबूत होगी. बाहरी लोग इस देश में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. यह कानून देश के लोगों और पड़ोसी देशों में रहने वाले अल्पसंख्यकों के लिए बेहतर और देशहित में है.
विरोध और समर्थन का एक जरिया मौजूदा समय में सोशल मीडिया भी बना हुआ है. लोग ऐसे मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर भी मुखर होते हैं ,और अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में ट्यूटर भी शामिल है. ट्विटर अपनी भावना जाहिर करने का अहम माध्यम है. आपको बता दें कि सोमवार को ट्विटर में सीएए के समर्थन में सबसे अधिक ट्वीट्स किए जा रहे हैं, जिसके कारण यह टि्वटर में पहले स्थान पर ट्रेंड कर रहा है. महज 30 मिनट के अंतराल पर लगभग 50,000 ट्वीट और रिट्वीट किए जा रहे हैं. बढ़ोतरी का यह क्रम जारी है.

