हज़ारीबाग(बरही): ज्ञात हो कि 20 अक्टूबर की रात तीन बाइक सवार युवकों की मौत हो गयी थी. इस घटना को लेकर हजारीबाग के कोर्रा थाना में कांड संख्या 178/19 दर्ज किया गया था. यह घटना हज़ारीबाग शहर के नीलांबर-पीताम्बर चौक से थोड़ी दूरी पर अस्सी होम के बाहर हुई थी. प्रारम्भ में इस घटना को सड़क दुर्घटना बताया गया था. घटना में बरही धनवार पंचायत के पूर्व मुखिया राजेन्द्र प्रसाद के पुत्र दीपक कुमार , अटका बगोदर के राजकुमार मंडल एवं सिरदला नवादा बिहार के कुंदन कुमार की मौत हो गयी थी. पिता ने सीएम से इसकी गुहार लगाई है
इस घटना को लेकर मृतक दीपक कुमार के पिता राजेन्द्र प्रसाद ने मुख्यमंत्री , पीएमओ समेत डीजीपी , डीआईजी , पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है. पत्र में राजेंद्र प्रसाद ने इसे हत्या बताया है. उन्होंने इस घटना की हत्या के दृष्टिकोण से जांच की मांग की है. पिता का आरोप है कि अब तक इस मामले को प्रशासन दुर्घटना के नजरिये से देख रही है. राजेंद्र प्रसाद ने पत्र में घटना से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को रखा है . साथ ही लिखा है कि मुझे एवं मेरे परिवार के सदस्यों को भी जान का खतरा है इसलिए बहुत सारी जानकारियां एवं नाम गोपनीयता के तौर पर जांच टीम को उपलब्ध कराऊंगा.
पत्र में मृत युवक के पिता राजेन्द्र प्रसाद ने इसे हत्याकांड बताते हुए लिखा है कि दिनांक 20.10.2019 को घटना के केंद्र में सुधांशु शेखर देव , पिता – शशिकांत देव, ग्राम – रोमी , थाना – पदमा ओपी, जिला – हज़ारीबाग द्वारा जो बयान पुलिस को मीडिया के समक्ष दिया गया वह बयान गलत था. अपने बयान में सुधांशु शेखर देव ने बताया कि वह अपने कमरे में था जबकि घटनास्थल पर वह मौजूद था. इस बात की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से होती है.
सुधांशु शेखर देव के द्वारा अपने मित्रों को जो भी मैसेज व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया था , उसे उसने डिलीट कर हटा दिया एवं उसने अपने मित्रों को भी मैसेज डिलीट करने को कहा. दिनांक 19.10.2019 को सुधांशु शेखर देव के द्वारा मृतक दीपक कुमार कुशवाहा के मोबाइल में लगभग 28 बार बातचीत हुई, जबकि दोनों का कमरा एक ही लॉज में आमने-सामने है. अन्य कई मित्रों ने भी दीपक से कई बार एक ही दिन में बातचीत की एवं कई दिन से दीपक की गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे.
सुधांशु शेखर देव एवं उसके दोस्तों के द्वारा 18.10.2019 एवं 19.10.2019 को बर्थडे पार्टी मनाया गया . 19.10. 2019 को दो जगहों पर बर्थडे पार्टी मनाया गया, जिसमें शराब का भी इस्तेमाल किया गया. दीपक कभी भी शराब का सेवन नहीं करता था जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी स्पष्ट होता है.
सुधांशु शेखर देव एवं पंकज कुमार इन दोनों का कहना है की घटना की सूचना हमें लॉज में प्राप्त हुई, हम घटना के वक्त अपने लॉज में थे लेकिन सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट है कि घटनास्थल पर सुधांशु शेखर देव एवं पंकज कुमार के अलावे कई अन्य लोग भी मौजूद थे. लॉज कैंपस में स्थित शशि मेडिकल हॉल के मालिक सीसीटीवी कैमरा लगाना चाहते थे लेकिन सुधांशु शेखर देव ने उन्हें मना कर दिया और कहा कि आप 15 दिनों बाद सीसीटीवी कैमरा लगाइएगा अभी हड़बड़ी किस बात की है .
दिनांक 21.10.2019 को घटना के संदर्भ में अखबारों में जो भी खबरें प्रकाशित हुई वह सुधांशु शेखर देव के झूठे बयानों पर आधारित था. पुलिस को भी सुधांशु शेखर देव ने घटना के संदर्भ में झूठा बयान दिया है. दिनांक 20.10.2019 को एकलौता पुत्र की मृत्यु के कारण मैं विचलित अवस्था में था जिसके कारण मेरी चेतना काम नहीं कर रही थी, पुलिस ने सुधांशु शेखर देव के बयान के आधार पर मेरा फर्द बयान तैयार कर लिया और मुझसे हस्ताक्षर करने का आग्रह किया तब मैंने अपना हस्ताक्षर बना दिया, जबकि वह मेरा फर्द बयान नहीं था. इसी फर्द बयान को केस का आधार बनाया गया है जो गलत है एवं तथ्य से परे है .
सुधांशु शेखर देव अपने दोस्तों के साथ इस घटना के संदर्भ में व्हाट्सएप चैट के दौरान ‘मर्डर’ शब्द का उल्लेख करता है उसके बाद अपने द्वारा भेजे गए मैसेज को डिलीट कर देता है. घटनास्थल पर पांच चप्पल पाए जाते हैं, चार चप्पल अर्थात दो जोड़े एक ही जगह पाए जाते हैं एवं पांचवा चप्पल कुछ ही दूरी पर पाया जाता है . घटना की स्थिति के अनुसार चप्पल को तितर-बितर होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं पाया गया . इससे स्पष्ट होता है कि यह मामला हत्या का है.

इस घटना में संदेह के घेरे में रहे लड़कों के कॉल डिटेल (सीडीआर) को निकालने की जरूरत है जिनका नाम हम अपने स्तर से गोपनीय तौर पर उपलब्ध कराएंगे, क्योंकि मुझे अपने एवं अपने परिजनों की जान का खतरा है. घटना के तुरंत बाद रात्रि में ही सुधांशु शेखर देव लॉज में रखे अपने सामान को परिजनों के सहयोग से खाली कर अपना घर भेज देता है और एक दूसरे लॉज में छुप कर सो जाता है.
जिस मोटरसाइकिल से घटना को अंजाम दिया गया उसका न0 है JH12F3246 . उस मोटरसाइकिल से संबंधित मामला पूर्व में भी हजारीबाग, कोर्रा टीओपी थाना, कांड संख्या 09/2019 दर्ज है. जिससे स्पष्ट होता है कि इस मोटरसाइकिल के मालिक पूर्व से ही कई अपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं.
घटना में प्रयुक्त बाइक सुधांशु शेखर देव, अजय राणा एवं विकास पंडित ने मिलकर खरीदा जो सेकंड हैंड बाइक है. इस बाइक को तीनों लड़के अपने एवं अपने अभिभावक के नाम से नहीं खरीद कर किसी चौथे अन्य आदमी के नाम से खरीदते हैं एवं बाइक खरीदने की सूचना किसी के भी अभिभावकों को नहीं रहती है. पिता ने उच्चस्तरीय जांच की मांग कर न्याय की गुहार लगायी है.

