वॉशिंगटन: अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सेना के जवानों के साथ आमने-सामने की लड़ाई में उलझकर “भारतीय राष्ट्रवादी बाघ” को उकसाया दिया है.
15 जून की देर शाम और रात को हुई हिंसक झड़प चीनी सैनिकों द्वारा तनाव को कम करने के दौरान यथास्थिति को “एकतरफा बदलने” के प्रयास का नतीजा थी.
वॉशिंगटन एग्जामिनर में एक ओपिनियन पीस में जर्नलिस्ट टॉम रोगन ने लिखा है, “चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने सोमवार शाम 20 भारतीय सैनिकों को हत्या कर भारतीय राष्ट्रवाद के बाघ को भड़का दिया है.
रोगन ने इस बात पर प्रकाश डालते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शक्ति राष्ट्रवाद के आधार से बहती है. मोदी ने कुशलतापूर्वक पूर्व के घरेलू सांप्रदायिक हितों के जुनून से दूर कर भारतीय राष्ट्रवादी भावनाओं को बढ़ाया और इसे वह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में भारत को बढ़ाने के विचार की ओर ले गए हैं.
रोगन का विचार है कि पीएम मोदी को पीएलए के साथ हालिया हिंसक संघर्ष के साथ एक अलग चुनौती का सामना करना पड़ता है.

