रांची: झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता अजीज ए मुबारकी ने कहा है कि नागरिक संशोधन कानून न केवल असंवैधानिक है बल्कि गरीब विरोधी जातिवादी भेदभाव करने वाली एक कानून है. हम सब जानते हैं कि विदेशियों को ढूंढने और निकालने के लिए हमारे पास पर्याप्त कानून है. बावजूद सरकार इस पर बेवजह हाय-तौबा मचा रही है और मुल्क को अशांत करने पर तुली है.
इसे विडम्बना नहीं तो और क्या कहा जाए कि जिस देश में प्राकृतिक आपदा, बेरोजगारी, भूखमरी, हिंसा एक विकराल समस्या है, जहां आंतरिक विस्थापन दुर्भाग्यपूर्ण है. जिस देश में सर्वोच्च पद धारण करने वाले व्यक्ति अपनी शैक्षणिक डिग्री का प्रमाण नहीं दे पाते.
उस देश में गरीब, दलित, आदिवासी, अशिक्षित को अपनी नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. हास्यास्पद और इससे दुखद बात और क्या हो सकती है कि सरकार अपने ही देश के उसी नागरिक से नागरिकता साबित करने को कह रही है, जिन लोगों ने इस सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से चुना है.

