खास बातें :-
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मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर के खेल मैदान के उन्नयन कार्यक्रम का शुभारंभ किया
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मुख्यमंत्री आमंत्रण फुटबॉल के जिला, प्रखंड, और मंडल स्तर पर विजेता टीम के 18, 940 खिलाड़ियों के बीच 1 करोड़ 89 लाख 44 हजार रुपये प्रोत्साहन भत्ता के तौर पर सौंपा
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लुंगुबुरु घंटाबाड़ी में तीर्थ यात्री सेवा विकास संबंधित सुविधा भवन का शिलान्यास किया
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युवा राज्य के सबसे बड़े संसाधन, इन्हें सरकार हुनरमंद बना रही है
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पंचायत स्तर पर फुटबॉल मैदान बनाकर फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाएगा
रांचीः सीएम रघुवर दास ने कहा कि ब्रांबे का यह अधूरा होटल प्रबंधन संस्थान हमें विरासत में मिला था लेकिन, अब इस संस्थान के माध्यम से हमारे युवा हुनरमंद बन रोजगार व स्वरोजगार की ओर अग्रसर होंगे. सभी 32 बच्चों को शुभकामनाएं. आप हॉस्पिटैलिटी की बारीकियों से अवगत होंगे. सरकार का लक्ष्य इस संस्थान को और बेहतर बनाना है. कुछ ही वर्षों में हुनरमंद युवाओं के बल पर झारखंड परचम लहराएगा. पूर्व में युवाओं के कौशल विकास पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. युवा इस राज्य की सबसे बड़े संसाधन हैं. सरकार की शक्ति के स्रोत हैं. इसलिए आज के बदलते समय और मांग के अनुरूप अब डिग्री के साथ-साथ हुनरमंद होना भी जरूरी है. यही वजह रही कि केंद्र सरकार ने कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया और युवाओं के प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी. राज्य सरकार ने भी युवाओं को हुनरमंद बनाने के उद्देश्य 700 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. वर्तमान सरकार कौशल विकास, होटल मैनेजमेंट, नर्सिंग कॉलेज के माध्यम से युवा एवं युवतियों को हुनरमंद बना उन्हें स्वालंबन की ओर अग्रसर कर रही है. ये बातें मुख्यमंत्री ने ब्राम्बे में होटल प्रबंधन संस्थान के उद्घाटन, स्वदेश दर्शन योजना अंतर्गत इको टूरिज्म तथा लुंगुबुरु घंटाबाड़ी यात्री संबंधित सुविधा भवन के ऑनलाइन शिलान्यास कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही.
प्रकृति की गोद में बसा है झारखंड, तो क्यों ना इसका लाभ लें
झारखंड में जिस तरह खनिज संसाधन में धनी है ठीक उसी तरह यह प्रकृति की गोद में बसा हुआ राज्य है. हम प्रकृति के इस उपहार के विकास में जुटे हैं. यहां के जलप्रपात, डैम, जंगल को विकसित किया जा रहा है. क्योंकि अब लोगों में जानने की इच्छा बढ़ रही है. अगर हम इन क्षेत्रों को विकसित कर देंगे तो स्थानीय लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार से आच्छादित होंगे. सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति होगी. यही वजह है कि सांस्कृतिक और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने का कार्य हो रहा है. मुझे दलमा, चांडिल, नेतरहाट, बेतला को विकसित करने हेतु कार्य का शुभारंभ कर बेहद खुशी की अनुभूति हो रही है. आने वाले दिनों में इसका लाभ राज्य के लोगों और झारखण्ड आने वाले पर्यटकों को अवश्य मिलेगा.
आदिवासियों का इतिहास आदिकाल से रहा है
2014 के बाद जब मैं संथालों के तीर्थ स्थल लुंगुबुरु घंटाबाड़ी गया तो वहां की स्थिति देख बड़ी पीड़ा हुई. मैंने उस अध्यात्म स्थल को विकसित करने की योजना बनाई. अब हम उस स्थल को विकसित करने में कुछ हद तक कामयाब हुए हैं. लुंगुबुरु घंटाबाड़ी तीर्थ यात्री सुविधा भवन का शिलान्यास हुआ है. यह आने वाले दिनों में यहां आने वाले लोगों के लिए सहायक होगा. लुंगुबुरु में संग्रहालय बनाकर संथाल की संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा. ताकि आने वाली पीढ़ी इस समृद्ध और अद्भुत संस्कृति से प्रेरित हो इसे अक्षुण्ण रख सके.
झारखंड में फुटबॉल को भी देना है बढ़ावा
क्रिकेट, हॉकी और तीरंदाजी में झारखंड की पहचान विश्व स्तर की है. हमारे खिलाड़ियों ने यहां का नाम रोशन किया है. लेकिन फुटबॉल यहां का लोकप्रिय व प्रचलित खेल है. वर्तमान सरकार की कोशिश है फुटबॉल के क्षेत्र में भी झारखंड अपनी अलग पहचान बनाए. कमल क्लब का गठन भी फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए किया गया. जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर फुटबॉल खिलाड़ियों को पौष्टिक खाना उपलब्ध कराने हेतु एक हजार रुपये दी जा रही है. सरकार जल्द लड़कों और लड़कियों की अलग-अलग फुटबॉल की टीम बनाएगी. ताकि गांव की प्रतिभा सामने आए. साथ ही फुटबॉल खिलाड़ियों को खेल मैदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर फुटबॉल मैदान का निर्माण किया जाएगा, जिसका शुभारंभ आज हो चुका है.
संग्रहालय के साथ कम्युनिटी सेंटर की स्थापना होगीः बाउरी
पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि दलमा, गेतलसूद, नेतरहाट, बेतला आदि में एक इको टूरिज्म सर्किट बनाया जा रहा है. मुझे विश्वास है कि इसे पर्यटक काफी पसंद करेंगे. यह सर्किट भी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा. यह प्रदेश आदिवासियों का प्रदेश है. संथालों का तीर्थ स्थल लुगुबुरु घंटाबाड़ी में सुविधाओं को बढ़ाने का कार्य प्रारंभ है. यहां एक संग्रहालय के साथ कम्युनिटी सेंटर की स्थापना जल्द होगी. खेल के क्षेत्र में 400 छात्रों को खेलगांव में विश्व स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसका लक्ष्य है कि 2024 के ओलिंपिक में स्वर्ण ले कर आये. जल्द ही पूरे भारत के बच्चों को भी झारखंड में प्रशिक्षित किया जाएगा. सभी ब्लॉक में कमल क्लब के गठन हो चुका है. क्लब के माध्यम से युवाओं को सामाजिक और खेल के क्षेत्र से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. क्लब को निबंधित करवाया गया है. प्रत्येक कमल क्लब को एक लाख रुपये की राशि दी जाएगी. अब खिलाड़ियों को किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. क्लब के माध्यम से हर पंचायत में एक मैदान दिया जाएगा. इस अवसर पर मांडर विधायक गंगोत्री कुजूर, पर्यटन सचिव राहुल शर्मा, पर्यटन निदेशक संजीव बेसरा, खेल निदेशक अनिल कुमार सिंह, पूर्व विधायक देवकुमार धान, धर्मगुरु बंधन तिग्गा, कमल क्लब के खिलाड़ी, होटल प्रबंधन के छात्र व अन्य उपस्थित थे.

